जगदलपुर। बस्तर पुलिस ने नशे के सौदागरों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए थाना बोधघाट क्षेत्र से भारी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ के साथ एक आदतन तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी कपड़ा बेचने की आड़ में अफीम और डोडा चूरा की तस्करी कर रहा था।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 15.003 किलोग्राम डोडा चूरा और 323 ग्राम अफीम जब्त की है, जिसकी कुल कीमत लगभग 3 लाख 86 हजार 590 रुपये आंकी गई है। इसके अलावा दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
बस स्टैंड में ग्राहक का इंतजार कर रहा था आरोपी
पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक माहेश्वर नाग के मार्गदर्शन एवं नगर पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार डी. धोत्रे के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई।
थाना बोधघाट पुलिस को दिनांक 02 जनवरी 2026 की रात मुखबिर से सूचना मिली कि एक युवक नया बस स्टैंड जगदलपुर के पीछे काले रंग के बैग के साथ बस का इंतजार कर रहा है और उसके पास अवैध नशीले पदार्थ हैं। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी लीलाधर राठौर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया।
आरोपी की पहचान और कबूलनामा
पकड़े गए आरोपी ने अपना नाम मनीष चांडक पिता चतुर्भुज चांडक, उम्र 30 वर्ष, निवासी आयप्पा मंदिर के पास, नया मुंडा, जगदलपुर बताया। पूछताछ में आरोपी ने अधिक पैसा कमाने की लालच में बड़े शहरों में ऊंचे दामों पर अफीम व डोडा चूरा बेचने की बात कबूल की।
बैग की तलाशी लेने पर एक बोरी में डोडा चूरा और प्लास्टिक झिल्ली में अफीम बरामद हुई। मौके पर नारकोटिक किट से परीक्षण करने पर पदार्थ अफीम और डोडा चूरा ही पाए गए।
NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज
आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 15(बी) एवं 18(सी) के तहत मामला दर्ज किया गया है। व्यावसायिक मात्रा में मादक पदार्थ पाए जाने के कारण आरोपी को 03 जनवरी 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर विशेष NDPS न्यायालय, जगदलपुर में पेश कर जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार आरोपी आदतन अपराधी है और पहले भी अफीम तस्करी के एक मामले में जेल जा चुका है।
कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम
इस कार्रवाई में निरीक्षक लीलाधर राठौर, उप निरीक्षक ललित नेगी, लोकेश्वर नाग, प्रधान आरक्षक अहिलेश नाग, सुनील मनहर, पवन श्रीवास्तव तथा आरक्षक भैरव सिन्हा, कामदेव दर्रो, मानकू कोर्राम, विजय तिर्की, अवतार पटेल, थानेंद्र सिन्हा, होरी लाल आर्यों और परमानंद भोयर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।