रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रमुख नक्सली कमांडर बारसे देवा के समर्पण पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने प्रसन्नता जताई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की इच्छा थी कि उनका पुनर्वास छत्तीसगढ़ में ही हो, लेकिन यदि यह तेलंगाना में होता है तो भी कोई आपत्ति नहीं है। शर्मा ने बताया कि सरकार लंबे समय से इस दिशा में प्रयास कर रही थी और बारसे देवा का औपचारिक समर्पण 26 मार्च के निर्धारित लक्ष्य के अनुसार हो रहा है।
उप मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि देश से नक्सलवाद जैसी गंभीर समस्या धीरे-धीरे खत्म हो रही है। उन्होंने कर्मयोगी अभियान और आदिवासी क्षेत्रों के विकास पर भी विस्तार से चर्चा की। उनके अनुसार, इस अभियान के तहत कई आदिवासी बहुल गांवों को चुना गया है, जहां बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आदिवासी क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर काम हो रहा है। प्रदेश के करीब ढाई लाख की आबादी वाले इलाकों में सड़क, अस्पताल, एम्बुलेंस जैसी आवश्यक सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। पीएम जनमन योजना सहित विभिन्न केंद्रीय एवं राज्य योजनाओं से पिछड़े क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।
इस दौरान उप मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेता चैतन्य बघेल की जमानत पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि देश की संवैधानिक संस्थाओं जैसे न्यायपालिका और चुनाव आयोग पर पूर्ण विश्वास रखना चाहिए। यह मामला पूरी तरह न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में है और सभी को इन संस्थाओं की गरिमा बनाए रखनी चाहिए।