बुजुर्ग और महिलाओं के आय के प्रमुख स्रोत एफडीआर और स्मॉल सेविंग्स के ब्याज दरों में कटौती अनुचित – सुरेंद्र वर्मा

रायपुर। ब्याज दरों में कटौती के फैसले को देश के मध्यमवर्गीय परिवार, महिलाओं और बुजुर्गों के आर्थिक हितों के खिलाफ अत्याचार करार देते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि यह सरकार छोटी बचत योजनाओं पीपीएफ, सुकन्या समृद्धि, एनएससी, एफडीआर आदि के निवेशकों को नए साल में ब्याज दर में कटौती का झटका देने जा रही है। वर्ष 2025 में ही चार बार रेपो रेट घटाकर 1.25 प्रतिशत की कटौती की गई है, भारतीय रिजर्व बैंक ने हाल ही में 5 दिसंबर को रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कटौती कर इसे 5.25 प्रतिशत कर दिया है। रेपो रेट घटने के बाद बॉन्ड यील्ड में गिरावट आई है। अब अगले तिमाही के लिए सरकार स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरों में कटौती कर रही है। अधिकांश बुजुर्ग और महिलाएं अपनी नियमित आय के लिए फिक्स डिपॉजिट का सहारा लेते हैं, ब्याज दर में कटौती से निवेशकों के नियमित आय पर सीधा असर पड़ेगा।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि नए साल के 1 जनवरी 2026 से बैंकिंग और क्रेडिट कार्ड के नियमों में अव्यावहारिक बदलाव किया जा रहा है। कई बड़े बैंकों एसबीआई, आईसीआईसीआई और एचडीएफसी ने अपने क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड पॉइंट्स और लाउंज एक्सेस के नियमों में बदलाव की घोषणा की है। 1 जनवरी से रेंट पेमेंट या यूटिलिटी बिल भरने पर मिलने वाले रिवॉर्ड पॉइंट्स कम हो सकते हैं या उन पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की तैयारी है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने कहा है कि सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के चलते अर्थव्यवस्था डगमगा रही है, डॉलर के मुकाबले रुपया तेजी से टूट रहा है, रेपो रेट कटौती और उधार लागत में गिरावट की अपेक्षाओं के चलते आरबीआई के कदम से बैंकों को झटका लगा है, शुद्ध ब्याज मार्जिन में कमी और मुख्य आय में गिरावट से बैंक प्रभावित हुए हैं। महंगाई, बेरोजगारी और रुपए के प्रबंधन में यह सरकार पूरी तरह से नाकाम साबित हुई है। सरकार के अव्यावहारिक फैसलों से बैंक और निवेशक दोनों दोनों ही परेशान हैं।

 

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