राहुल गांधी कांग्रेस को मुगल कांग्रेस का नाम दे दें – भाजपा प्रवक्ता नलिनीश ठोकने

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता नलिनीश ठोकने ने सनातन विरोधी बयानों के लिए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व उप मुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव पर पलटवार करते हुए कहा कि बघेल, जिनके डीएनए में रामद्रोह रचा-बसा है, और सिंहदेव जो कभी कांग्रेस की राजनीति में एक-दूसरे के धुर विरोधी हुआ करते थे, आज एक सुर में सनातन संस्कृति के खिलाफ बोल रहे हैं! श्री ठोकने ने कहा कि इससे यह आईने की तरह साफ है कि दोनों कांग्रेसी नेता कांग्रेस की सोची-समझी रणनीति के तहत लिखी हुई सनातन विरोधी स्क्रिप्ट पढ़ रहे हैं।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री ठोकने ने कहा कि बघेल और सिंहदेव के बयान कांग्रेस के सनातन-विरोधी होने का प्रमाण है। भूपेश बघेल और टी एस सिंहदेव के ये बयान सिख पंथ के अनुयायियों का भी घोर अपमान है। एक ओर जब देश में वीर बाल दिवस मनाकर सिख पंथ के दशम गुरु गोबिन्दसिंह जी साहेब के चारों साहिबजादों के अमर बलिदान को नमन कर रहा है, तब कांग्रेस के नेताओं को नौ वर्ष के जोरावर सिंह और छह वर्ष के फतेहसिंह को मुगल आक्रांताओं द्वारा जिन्दा चुनवा दिया जाना, इन साहिबजादों व उनकी माता गूजरी को गर्म दूध देने वाले बाबा मोतीराम मेहरा और उनके परिवार को कोल्हू में पीसकर शहीद कर दिया जाना नजर नहीं आ रहा है और बड़ी निर्लज्जता के साथ कांग्रेसी यह कह रहे हैं कि मुगलों के काल में हिन्दू दमन का कोई इतिहास में उदाहरण नहीं है। मुगल आक्रांताओं से इस राष्ट्र और सनातन की रक्षा में शिवाजी महाराज, सम्भाजी आदि मराठाओं की पीढ़ियों के अमर बलिदान की याद करते हुए कहा कि इस देश में बाबर ने राम मंदिर को तोड़ा, औरंगजेब ने काशी विश्वनाथ मंदिर को अपवित्र किया, गजनवी ने सोमनाथ के मंदिर को 17 बार लूटा। क्या कांग्रेसियों को मुगलों के अत्याचारों के और उदाहरण देने होंगे?

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री ठोकने ने कहा कि यदि हिन्दू खतरे में नहीं थे तो कांग्रेस नेता बताएँ कि जम्मू-कश्मीर की डेमोग्राफी 12वीं सदी से पहले क्या थी और 12वीं सदी के बाद क्या है? ‘मुगल कांग्रेस’ के शहंशाह बघेल और उनके नए-नए सिपहसालार बने सिंहदेव समेत कांग्रेस के नेताओं को वामपंथी चश्मा उतारकर देश का वास्तविक इतिहास पढ़ने की जरूरत है। श्री ठोकने ने कहा कि बघेल ने पं. धीरेंद्रकृष्ण शास्त्री को बालक बताया है तो यह भूपेश बघेल का अहंकार बोल रहा है। छत्तीसगढ़ संतों-महापुरुषों की भूमि है और छत्तीसगढ़ की जनता भक्ति के आनंद में रामनाम का रसपान करती है। बघेल बालक चैतन्य सोमरस का हिसाब दुरुस्त करते रहें और अपनी राजनीतिक रोटी सेकें। श्री ठोकने ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से सवाल कर यह जानना चाहा कि क्या रेवंता रेड्डी के बाद अब बघेल और सिंहदेव के ये बयान कांग्रेस के अधिकृत बयान हैं? राहुल गांधी को तो अब बिना देर किए कांग्रेस को ‘मुगल कांग्रेस’ का नाम दे देना चाहिए।

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