0 गले में दो तारों का फंदा, 7 दिन से घायल था तेंदुआ… रेस्क्यू के दौरान अफसर पर किया हमला
गरियाबंद। उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व से दिल दहला देने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। वन परिक्षेत्र तौरेंगा में एक चार वर्षीय नर तेंदुआ शिकारियों के लगाए गए तार वाले जाल में फंस गया। गंभीर रूप से घायल तेंदुआ दर्द से दहाड़ता रहा और जान बचाने के लिए आबादी क्षेत्र की ओर आ गया, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।
ग्रामीणों से सूचना मिलते ही वन विभाग हरकत में आया। ग्राम कोकोड़ी में तेंदुआ बस्ती के बेहद करीब झाड़ियों में छिपा मिला। सहायक संचालक उदंती (मैनपुर) गोपाल कश्यप ने बिना समय गंवाए ड्रोन और एंटी-पोचिंग टीम को मौके पर बुलाया। ड्रोन फुटेज में तेंदुए के गले पर गहरा जख्म साफ नजर आया—दो तारों का फंदा उसकी सांसें छीन रहा था।
अंधेरे से पहले रेस्क्यू, अफसर ने दिखाई जांबाजी
जंगल सफारी टीम के पहुंचने से पहले अंधेरा होने की आशंका को देखते हुए एसडीओ गोपाल कश्यप ने खुद मोर्चा संभाला। जान जोखिम में डालते हुए उन्होंने रस्सी की मदद से तेंदुए को जाल में काबू किया। इस दौरान तेंदुए ने उन पर हमला भी किया, लेकिन साहस और सूझबूझ से रेस्क्यू सफल रहा।
तेंदुए को गजराज रेस्क्यू वाहन के पिंजरे में सुरक्षित बंद कर तौरेंगा रेस्ट हाउस लाया गया। रात करीब 8 बजे डॉक्टर जय किशोर जडिया, सहायक रमाकांत और मेडिकल टीम मौके पर पहुंची। तेंदुए को बेहोश कर गले में फंसे दोनों फंदे निकाले गए, ड्रिप चढ़ाई गई और प्राथमिक उपचार किया गया—जिससे तेंदुए को बड़ी राहत मिली।
7 दिन से फंदे में फंसा था तेंदुआ
उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक वरुण जैन घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुष्टि की कि तेंदुआ करीब 7 दिनों से फंदे में फंसा हुआ था और दम घुटने की स्थिति में था। इसी वजह से वह आसान शिकार की तलाश में आबादी की ओर भटक रहा था।
सुबह 4 बजे तेंदुए को गजराज वाहन से जंगल सफारी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। स्वस्थ होने के बाद उसे फिर से उदंती के जंगलों में छोड़ा जाएगा।
शिकारियों पर इनाम घोषित
इस घटना के बाद वन विभाग ने अज्ञात शिकारियों की तलाश तेज कर दी है। तेंदुए को शिकार बनाने वालों की जानकारी देने पर 5,000 से 10,000 रुपये तक का गोपनीय इनाम घोषित किया गया है। सूचना डीएफओ वरुण जैन (मोबाइल: 7568127875) पर दी जा सकती है।