कोंडागांव। जिले के विश्रामपुरी थाना क्षेत्र के ग्राम चनाभर्री के घने जंगल में मिली सिर कटी लाश के सनसनीखेज हत्याकांड में पुलिस को आखिरकार बड़ी सफलता मिली है। इस निर्मम वारदात में फरार चल रहे मुख्य आरोपी रामू नेताम को पुलिस ने धमतरी जिले से दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया और न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया।
यह खौफनाक घटना 6 दिसंबर 2025 की है, जब चनाभर्री जंगल में एक अज्ञात व्यक्ति का धड़ से सिर अलग किया हुआ शव मिलने से पूरे इलाके में दहशत की लहर दौड़ गई थी। सूचना पर पहुंची विश्रामपुरी पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। बाद में शव की शिनाख्त लछिन्दर पांडे, निवासी बाड़ागांव, के रूप में हुई। पोस्टमार्टम और जांच से पता चला कि हत्या बेहद बेरहमी से की गई थी – सिर को धारदार हथियार से काटकर अलग कर दिया गया था।
पुलिस की गहन जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि यह जघन्य हत्या एक मामूली विवाद के चलते की गई। विश्रामपुरी पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने त्वरित एक्शन लेते हुए 8 दिसंबर 2025 को ही मुख्य आरोपी श्यामलाल नेताम को गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन उसका छोटा भाई रामू नेताम घटना के बाद से फरार हो गया था और पुलिस की पकड़ से बाहर था।
वरिष्ठ अधिकारियों के सख्त निर्देशन में लगातार छापेमारी और मुखबिरों की सूचना पर पतासाजी के बाद पुलिस की टीम ने आखिरकार फरार आरोपी रामू नेताम (पिता गंगाराम नेताम, उम्र 24 वर्ष), निवासी कुररूभाट, थाना विश्रामपुरी, को धमतरी जिले के खैरभर्री गांव से धर दबोचा।
कड़ी पूछताछ में आरोपी ने कबूल लिया कि उसने अपने बड़े भाई श्यामलाल के साथ मिलकर लछिन्दर पांडे की हत्या की थी। दोनों भाईयों ने मिलकर इस बर्बर वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस ने रामू को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।