छात्रा मनीषा सेमला की मौत के लिए अधीक्षिका को जिम्मेदार ठहराया परिजनों ने

0 अधीक्षिका पर समय रहते ईलाज न कराने का आरोप 

0 कांग्रेस का जांच दल पहुंचा मृतका के गांव 

भोपालपटनम। बीजापुर ज़िले के उसूर विकासखंड के पोर्टाकेबिन आवापल्ली में अध्ययनरत कक्षा छठवीं की छात्रा मनीषा सेमला की मौत के मामले की जांच हेतु प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा गठित जांच दल ने टीम संयोजक कमलेश कारम के नेतृत्व मे घटना स्थल पहुंच कर मामले की पड़ताल की।
कांग्रेस के जांच दल ने सर्वप्रथम पोर्टाकेबिन मे अध्ययनरत मनीषा सेमला की सहपाठी छात्राओं तथा संस्था के शिक्षकों से घटना के संबंध में चर्चा कर जानकारी ली। इसके बाद जांच दल ने छात्रा मनीषा सेमला के गृह ग्राम गुंडम जाकर परिजनों से चर्चा कर घटनाक्रम की जानकारी ली। मनीषा के परिजनों ने दल को बताया कि मनीषा सेमला की मौत अधीक्षिका कमला ककेम की घोर लापरवाही की वज़ह से हुई है। अधीक्षिका ने समय रहते मनीषा का इलाज कराया होता तो शायद हमारी बेटी आज हम सबके बीच जीवित होती। मनीषा के परिजनों तथा पोर्टाकेबिन आवापल्ली मे पढ़ने वाली अन्य छात्राओं से चर्चा उपरांत जांच दल इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि मनीषा सेमला की मौत सिर्फ अधीक्षिका कमला ककेम की लापरवाही की वज़ह से हुई है। मनीषा के परिजनों ने जांच दल के माध्यम से ज़िला प्रशासन से मांग की है कि मनीषा सेमला की मौत के लिए ज़िम्मेदार अधीक्षिका कमला ककेम के विरुद्ध तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य मे ऐसी घटनाओं की पुनरावृति न हो सके। कांग्रेस के जांच दल के संयोजक पूर्व ज़िला पंचायत उपाध्यक्ष कमलेश कारम के साथ सोनू पोटाम, मनोज अवलम, सरस्वती वासम, अनिता तेलम, राजेश वासम, बोधि ताती, लक्ष्मलु पाबा, मुन्ना कुरसम, शंकर खटबीना, विनोद तालुकदार, गनपत वासम,सहित बड़ी संख्या मे कोंग्रेसी कार्यकर्त्ता उपस्थित रहे।

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