रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान एक बार फिर सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला। नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ ईडी की कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस के सभी विधायक “सत्यमेव जयते” की तख्तियां लेकर सदन में पहुंचे, जिससे सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस छिड़ गई।
कार्यवाही शुरू होते ही पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया। जवाब में भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने आरोपों को खारिज करते हुए कड़ा विरोध जताया और उन्हें निराधार करार दिया।
कांग्रेस ने इस मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव पेश किया, लेकिन स्पीकर ने सदन की परंपराओं और प्रासंगिकता का हवाला देते हुए इसे अग्राह्य घोषित कर दिया। प्रस्ताव खारिज होते ही कांग्रेस विधायकों ने सदन में जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। “सत्यमेव जयते”, “जांच एजेंसियों का दुरुपयोग बंद करो”, “भारत माता की जय” और “महात्मा गांधी की जय” जैसे नारे लगाते हुए विपक्षी विधायक वेल में आ गए और गर्भगृह की ओर बढ़ने लगे।

आसंदी ने इसे सदन की गरिमा के खिलाफ बताते हुए कड़ा ऐतराज जताया और हंगामा कर रहे विधायकों को निलंबित करने के निर्देश दिए। निलंबन के बाद सदन का माहौल और तनावपूर्ण हो गया, जिससे कार्यवाही लंबे समय तक बाधित रही। कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र पर हमला करार दिया, जबकि सत्ता पक्ष ने सदन की मर्यादा बनाए रखने की बात कही।