रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र की शुरुआत जोरदार हंगामे से हुई। केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा (MGNREGA) का नाम बदलकर विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड अजीविका मिशन (ग्रामीण) करने के विरोध में कांग्रेस विधायकों ने सीने पर “सत्यमेव जयते” लिखे पोस्टर लगाकर सदन में प्रवेश किया। सत्ता पक्ष भाजपा ने इसकी कड़ी आपत्ति जताई और विधानसभा की परंपराओं का हवाला दिया।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से स्पष्टीकरण मांगा। वहीं, भाजपा विधायक धर्मजीत सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के कुछ नेता बिना पोस्टर के हैं, जबकि अन्य को मजदूर समझकर पोस्टर पहनाया गया है। इस टिप्पणी से कांग्रेस विधायकों में आक्रोश भड़क उठा और उन्होंने इसे विधायकों का अपमान बताया।
आसंदी ने विधानसभा की गरिमा का हवाला देकर पोस्टर हटाने के निर्देश दिए और दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की। कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव के सवाल पर भी भाजपा की ओर से व्यवस्था की आपत्ति उठी, जिससे नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत और भाजपा विधायकों के बीच तीखी बहस हुई। हंगामा बढ़ने पर स्पीकर ने सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित कर दी।