
बस्तर। बीजापुर-दंतेवाड़ा सीमावर्ती वेस्ट बस्तर डिवीजन में बुधवार से जारी मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। लगभग 20 घंटे चले इस ऑपरेशन में 1 करोड़ 30 लाख रुपये इनामी 18 नक्सलियों को मार गिराया गया, जबकि जवाबी कार्रवाई में DRG के 3 जवान शहीद और दो जवान घायल हुए, जिनका इलाज रायपुर में जारी है।
शवों के साथ भारी संख्या में हथियार बरामद
मुठभेड़ के बाद सर्चिंग के दौरान पुलिस ने स्थल से 18 नक्सलियों के शव बरामद किए। IG बस्तर रेंज सुंदरराज पी. ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मौके से AK-47, LMG, 303 रायफल सहित कई ऑटोमैटिक हथियार और नक्सल सामाग्री ज़ब्त की गई है। 18 में से 16 नक्सलियों की पहचान हो चुकी है, शेष दो की पहचान की प्रक्रिया जारी है। मारे गए माओवादियों में 9 पुरुष और 9 महिला नक्सली शामिल हैं।
मोस्ट वांटेड वेल्ला मोडियम ढेर
मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों में मोस्ट वांटेड वेल्ला मोडियम भी शामिल है, जिसकी लंबे समय से सुरक्षा बल तलाश कर रहे थे। IG ने इसे हाल के वर्षों में नक्सल विरोधी अभियान की “महत्वपूर्ण सफलता” बताया।

शहीद जवानों को अंतिम सलामी
बीजापुर की नई पुलिस लाइन में शहीद जवानों को गमगीन माहौल में अंतिम श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी, बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी, IG सुंदरराज पी., डीआईजी CRPF, डीआईजी पुलिस कमलोचन कश्यप, बीजापुर SP जितेंद्र यादव, दंतेवाड़ा SP गौरव राय समेत बड़ी संख्या में अधिकारी, जवान और ग्रामीण शामिल हुए। शहीदों को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और ‘अमर रहे’ के नारों के बीच उनके पार्थिव शरीरों को गृह ग्राम रवाना किया गया। विदाई के दौरान परिजन और साथी जवान भावुक हो उठे। अधिकारियों ने बताया कि इलाके में दोबारा सर्चिंग बढ़ाई गई है और मुठभेड़ में सक्रिय अन्य नक्सलियों की तलाश जारी है। सुरक्षा बलों का कहना है कि यह सफलता बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद को कमजोर करने में निर्णायक साबित होगी।