

0 इज्जत घर में बेइज्जती महसूस करती है मातृशक्ति
0 8 लाख की लागत से बना शौचालय चढ़ गया भ्रष्टाचार की भेंट
(अर्जुन झा)बकावंड। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का सुशासन बकावंड जनपद पंचायत के टॉयलेट में शर्मसार होता नजर आ रहा है। भ्रष्टाचार और अनदेखी के चलते यह टॉयलेट अब किसी काम का नहीं रह गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शौचालय को इज्जत घर नाम दे रखा है, मगर उसी इज्जत घर में घुसने पर मातृशक्ति खुद को बेइज्जत महसूस करती है।
बकावंड जनपद कार्यालय में विभागीय कार्यवश आने वाले लोगों और जनपद के कर्मियों की सुविधा के लिए कार्यालय परिसर में महिला एवं पुरुष शौचालयों का निर्माण दो साल पहले पंद्रहवें वित्त मद के करीब आठ लाख रुपए खर्च कर कराया गया है। शुरू शुरू में बाहरी आवरण देखने से लगता था कि ये शानदार शौचालय हैं। किंतु अब बताने वाले बड़े दुख से कहते हैं कि केवल लीपापोती करके उक्त शौचालय को छोड़ दिया गया है। शौचालय की सीटें चोक हो गई हैं गंदगी ऊपर तक आ गई है। तेज दुर्गंध उठने के कारण अब लोग अब शौचालय के करीब जाना भी नहीं चाहते।महिला कर्मचारी, पंचायतों के जनप्रतिनिधि या कोई भी उक्त शौचालय में घुसना तक नहीं चाहता है। मगर क्या करें, कोई दूसरा विकल्प जो नहीं है। मजबूरन लोगों को नाक भौं सिकोड़ते हुए इसी शौचालय की शरण लेनी पड़ती है। पुरुष तो कहीं भी जाकर निपट लेते हैं, मगर महिलाओं के सामने बड़ी दुविधा आ खड़ी होती है। मन मार कर उन्हें इसी इज्जत घर का सहारा लेना पड़ता है। स्वच्छता को लेकर सरकार कितनी संजीदा है और जनपद कार्यालय जैसे महत्वपूर्ण जगह में ऐसी व्यवस्था से लोगों को भारी परेशानी हो रही है। विशेषकर महिलाओं को काफी शर्मसार होते हुए गुजरना पड़ता है। एक तरह से यहां साय के सुशासन को पलीता लगाया जा रहा है और इज्जत घर के इज्जत की नीलामी की जा रही है।