रायपुर। छत्तीसगढ़ में सुबह-सुबह भ्रष्टाचार के खिलाफ सबसे बड़ा अभियान शुरू हो गया। ACB-EOW की संयुक्त टीमों ने एक साथ 7 जिलों – रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, गरियाबंद, अंबिकापुर, महासमुंद और जगदलपुर में 20 से अधिक ठिकानों पर धावा बोल दिया। निशाना वे पटवारी हैं, जो 2024 में हुई RI भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी कर राजस्व निरीक्षक बन गए और अब करोड़ों की काली कमाई कर रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, जिन अधिकारियों के घर-दफ्तर और पैतृक गांवों में छापे पड़े, उनकी संपत्ति आय के स्रोत से कई गुना ज्यादा है। कई जगहों से भारी मात्रा में नकदी, सोने-चांदी के जेवर, लग्जरी गाड़ियों के कागजात, प्लॉट-फ्लैट के दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस जब्त किए जा रहे हैं।
क्या था पूरा खेल?
- 7 जनवरी 2024 को हुई पटवारी से RI पदोन्नति परीक्षा में 2600 से ज्यादा पटवारियों ने हिस्सा लिया था।
- 29 फरवरी को आए रिजल्ट में 216 को प्रशिक्षण के लिए चुना गया, लेकिन अंतिम चयन सिर्फ 13 का हुआ।
- जांच में पता चला कि कई चयनितों के परिवार के सदस्य या करीबी ही परीक्षा केंद्रों पर “खास व्यवस्था” के तहत बैठे थे।
- फर्जी अंक, बाहरी दबाव, पैसे के लेन-देन और रिश्तेदारों को फायदा पहुंचाने के गंभीर आरोप।
- जांच कमेटी ने 22 चयनों पर ही सवाल उठाए थे, लेकिन शिकायतें सैकड़ों में थीं।
अब ACB-EOW ने ठान लिया है – जो भी इस घोटाले में शामिल है, चाहे कितना भी बड़ा नाम हो, किसी को बख्शा नहीं जाएगा। कार्रवाई अभी जारी है।