रायपुर। देश के सबसे बड़े व्यापारिक संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के प्रतिनिधि मंडल ने छत्तीसगढ़ शासन के जीएसटी आयुक्त पुष्पेंद्र कुमार मीणा से मुलाकात कर ई-वे बिल नियमों में आवश्यक और व्यावहारिक सुधारों की माँग रखी।
कैट के राष्ट्रीय वाइस चेयरमैन एवं राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड (भारत सरकार) के सदस्य अमर पारवानी के नेतृत्व में इस प्रतिनिधिमंडल ने जीएसटी आयुक्त को एक ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में छत्तीसगढ़ इकाई के चेयरमैन जितेन्द्र दोशी, अध्यक्ष परमानंद जैन, महामंत्री सुरेन्द्र सिंह, कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल और विक्रम सिंहदेव सहित अन्य पदाधिकारी शामिल थे।
श्री पारवानी ने बताया कि “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” की भावना के अनुरूप व्यापारियों की दो प्रमुख माँगें रखी गई हैं—
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एक ही जिले के भीतर माल परिवहन पर ई-वे बिल से पूर्ण छूट दी जाए।
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आवश्यक वस्तुएँ जैसे पुस्तकें, नोटबुक, शैक्षणिक सामग्री, ताज़ा फल-सब्जियाँ, डेयरी उत्पाद, खाद्य सामग्री, चिकित्सा उपकरण, कृषि निवेश एवं उपकरण आदि पर राज्य में परिवहन के दौरान ई-वे बिल से पूर्ण छूट दी जाए।
श्री पारवानी ने कहा कि इन सुधारों से छोटे और मध्यम व्यापारियों को राहत मिलेगी, व्यापार अधिक सहज और पारदर्शी होगा तथा राजस्व संग्रह में भी स्थिरता आएगी।
जीएसटी आयुक्त पुष्पेंद्र कुमार मीणा ने कैट के सुझावों को सकारात्मक रूप से लेते हुए आवश्यक विचार और सहयोग का आश्वासन दिया। इस अवसर पर संयुक्त आयुक्त नरेंद्र वर्मा, याचना तांब्रे, और उप आयुक्त टिकम गुनेन्द्र भी उपस्थित रहे।
मुलाकात के दौरान कैट टीम के प्रमुख पदाधिकारी अमर पारवानी, सुरेन्द्र सिंह, भरत जैन, प्रीतपाल सिंह बग्गा, सीए मुकेश मोटवानी, और भरत भूषण गुप्ता भी मौजूद रहे।