
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर में खेलों का महाकुंभ, बस्तर ओलंपिक 2025, एक बार फिर सुर्खियां बटोरने को तैयार है। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रेसवार्ता में इस मेगा आयोजन की धमाकेदार जानकारी साझा की। इस बार बस्तर संभाग के सात जिलों से रिकॉर्ड तोड़ 3 लाख 91 हजार 297 खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले साल के 1 लाख 62 हजार की तुलना में दोगुने से भी अधिक है। यह आयोजन बस्तर की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच पर चमकाने का सुनहरा अवसर बनने जा रहा है।
खेलों का रोमांच 25 अक्टूबर से शुरू
उपमुख्यमंत्री साव ने बताया कि 25 अक्टूबर से 5 नवंबर तक विकासखंड स्तरीय मुकाबले होंगे, जिसके बाद जिला और संभाग स्तरीय स्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी। फाइनल मुकाबले अलग-अलग खेलों के लिए होंगे, जहां बस्तर के युवा अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाएंगे। इस बार 11 खेलों की शानदार स्पर्धाएं होंगी, जिनमें एथलेटिक्स (100 मी., 200 मी., 400 मी., लंबी कूद, ऊंची कूद, शॉटपुट, डिस्कस-थ्रो, जैवलिन-थ्रो, 4×100 मी. रिले रेस), तीरंदाजी, फुटबॉल, कबड्डी, खो-खो, बैडमिंटन, कराटे, वॉलीबॉल, और महिला सीनियर वर्ग के लिए रस्साकसी शामिल हैं। जिला स्तर पर हॉकी और वेट लिफ्टिंग की स्पर्धाएं भी जोश भरेंगी।
आत्मसमर्पित नक्सलियों का भी जोश
इस आयोजन की सबसे खास बात यह है कि आत्मसमर्पित नक्सली भी बस्तर ओलंपिक में अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। यह पहल न केवल खेलों को बढ़ावा देगी, बल्कि बस्तर में शांति और सामाजिक एकता का संदेश भी देगी। स्थानीय परंपराओं से जुड़े खिलाड़ियों को भी इस मंच पर अपनी कला दिखाने का मौका मिलेगा। जूनियर (बालक-बालिका) और सीनियर (पुरुष-महिला) वर्गों में प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी।
पीएम मोदी की तारीफ, बस्तर की शान
उपमुख्यमंत्री साव ने गर्व के साथ बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मन की बात कार्यक्रम में बस्तर ओलंपिक की तारीफ की थी, जो पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण है। उन्होंने कहा, बस्तर के युवाओं की अपार क्षमता को राष्ट्रीय मंच पर लाने के लिए यह आयोजन एक क्रांतिकारी कदम है।” विजेताओं को खेल अकादमी में प्रवेश, नगद पुरस्कार, मेडल, ट्रॉफी, और शील्ड से सम्मानित किया जाएगा। नगद राशि DBT के माध्यम से सीधे खिलाड़ियों के बैंक खातों में जमा होगी। संभागीय स्तर के विजेताओं को ‘बस्तर यूथ आइकॉन’ के रूप में प्रचारित किया जाएगा।
‘स्पोर्ट्स फॉर पीस’ का प्रतीक
बस्तर ओलंपिक का यह दूसरा संस्करण न केवल एक खेल आयोजन है, बल्कि ‘स्पोर्ट्स फॉर पीस’ मॉडल के तहत सामाजिक चेतना और एकता का प्रतीक भी है। साव ने कहा, “हमने सभी व्यवस्थाएं समय से पहले सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। यह आयोजन अब क्षेत्रीय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर बस्तर की पहचान बन चुका है।” बस्तर ओलंपिक 2025 न सिर्फ खेलों का उत्सव है, बल्कि बस्तर के युवाओं की ऊर्जा और जोश का विश्व पटल पर प्रदर्शन भी है।