एक करोड़ के ईनामी 103 नक्सलियों ने किया सरेंडर

0  पूना मारगेम; पुनर्वास से पुनर्जीवन की ओर बढ़ते नक्सलियों के कदम 

0 बस्तर में लगातार कमजोर हो रहे हैं नक्सली संगठन

0 जनताना सरकार सदस्यों का बड़ी संख्या में समर्पण 

जगदलपुर। बस्तर में सक्रिय नक्सली संगठनों को बड़ा झटका लगा है। बीजापुर जिले में एकसाथ 103 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर पुनर्वास से पुनर्जीवन की ओर कदम बढ़ाया है। यह सिर्फ आत्मसमर्पण नहीं, बल्कि उस विचारधारा की हार है, जो बरसों तक हिंसा और भ्रम के सहारे टिकी रही है।
आत्मसमर्पण करने वालों में डीव्हीसीएम का 01, पीपीसीएम के 04, एसीएम के 04, प्लाटून पार्टी सदस्य 1,डीएकेएमएस अध्यक्ष 3, सीएनएम अध्यक्ष 4, केएएमएस अध्यक्ष 2, एरिया कमेटी पार्टी सदस्य 5, मिलिशिया कमांडर व डिप्टी कमांडर 5, जनताना सरकार अध्यक्ष 4, पीएलजीए सदस्य 1, सीएनएम सदस्य 12, जनताना सरकार उपाध्यक्ष- 4, डीएकेएमएस उपाध्यक्ष 1, जनताना सरकार सदस्य 22, मिलिशिया प्लाटून सदस्य – 23, जीपीसी 2, डीएके एमएस सदस्य 4, भूमकाल मिलिशिया सदस्य 1 शामिल हैं। कुल 106.30 लाख रूपये के ईनामी 49 नक्सलियों सहित 103 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। समर्पण करने वालों में आरपीसी सदस्यों की संख्या अधिक है। वर्तमान में संगठन के शीर्ष नेतृत्वकर्ता नक्सलियों के संगठन छोड़कर समर्पण करने एवं मुठभेड़ में शीर्ष नेताओं के लगातार मारे जाने से इन नक्सलियों ने मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। बस्तर संभाग के अंदरूनी क्षेत्रों में नए सुरक्षा कैंपों की स्थापना के साथ ही शासन की विकासोन्मुखी कार्य सड़कों के विस्तार, परिवहन की बढ़ती सुविधा, पानी, बिजली एवं शासन की अन्य जन कल्याणकारी योजनाएं ग्रामीणों तक पहुंचने लगी हैं। सुरक्षा बलों का ग्रामीणों के साथ हो रहे सकारात्मक संवाद, सामुदायिक पुलिसिंग के तहत दी जा रही जनकल्याकारी योजनाओं की जानकारी एवं छग शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के व्यापक प्रचार प्रसार से नक्सलियों का संगठन से मोहभंग होता जा रहा है। संगठन के विचारों से मोहभंग होने और मिली निराशा एवं संगठन के भीतर बढ़ते आंतरिक मतभेद, समाज की मुख्यधारा में जुड़कर सुरक्षित पारिवारिक जीवन जीने की चाह के चलते इन लोगों ने आत्मसमर्पण किया है।
1 जनवरी 2025 से अब तक विभिन्न घटनाओं में शामिल 421 नक्सली गिरफ्तार किए जा चुके हैं, 410 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं एवं जिले में अलग-अलग मुठभेड़ में कुल 137 नक्सली मारे गए हैं। इस प्रकार 01 जनवरी 2024 से अब तक माओवादी घटना में शामिल 924 नक्सली गिरफ्तार किए गए हैं 599 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है एवं जिले में अलग-अलग मुठभेड़ में कुल 195 नक्सली मारे गए हैं। आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में जुड़ने वाले सभी नक्सलियों को प्रोत्साहन स्वरूप 50-50 हजार रुपए के चेक प्रदान किया गए। छत्तीसगढ़ शासन एवं भारत सरकार की मंशानुरूप नक्सल उन्मूलन हेतु जिले में चलाये जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के तहत डीआरजी, जिला बल, एसटीएफ, कोबरा व केरिपु बल के द्वारा किये जा रहे संयुक्त प्रयासो से तथा छग शासन की पुनर्वास एवं आत्मसर्पण नीति, साथ ही छग शासन की नियद नेल्ला नार योजना से प्रभावित होकर इन नक्सलियों ने हिंसा की राह छोड़ी है। इन नक्सलियों ने उप पुलिस महानिरीक्षक, दंतेवाड़ा रेंज कमलोचन कश्यप, उप महानिरीक्षक सीआरपीएफ सेक्टर बीजापुर बीएस नेगी, पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव, कमांडेंट 199 बटालियन केरिपु आनंद कुमार, कमांडेंट 168 बटालियन केरिपु आरएस जंगीर, कमांडेंट 85 बटालियन केरिपु सुनील कुमार राही, कमांडेंट 222 बटालियन केरिपु विजेन्द्र सिंह, कमांडेंट 22 बटालियन केरिपु मोहित कुमार, कमांडेंट 201 कोबरा अमित कुमार चौधरी, कमांडेंट 202 कोबरा अमित कुमार, कमांडेंट 206 कोबरा पुष्पेंद्र कुमार, कमांडेंट 210 कोबरा अशोक कुमार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीजापुर रविन्द्र कुमार मीणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमन कुमार झा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यूलैंडन यार्क, उप पुलिस अधीक्षक डीआरजी विनीत साहू, उप पुलिस अधीक्षक नक्सल ऑप्स सुदीप सरकार, उप पुलिस अधीक्षक रोशन आहूजा के समक्ष आत्मसमर्पण किया।

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