
0 बाउंड्री वॉल बनाई नहीं, और निकाल ली पूरी रकम
0 ग्रामीण रोज पंचायत के आसपास ढूंढते हैं दीवार
(अर्जुन झा)जगदलपुर। साढ़े चार लाख की दीवार आखिर कहां गई? उसे जमीन निगल गई या फिर आसमान खा गया? यह सवाल हम नहीं, बल्कि पूरा गांव उठा रहा है। ग्रामीण उस रहस्यमयी दीवार को ढूंढने रोज ग्राम पंचायत भवन के आसपास जाते हैं, मगर वहां दीवार तो क्या, उसका नामो निशान भी उन्हें आज तक नजर नहीं आया है। आए भी कैसे? कागजी दीवार जो ठहरी, हवा में उड़ गई होगी। मामला कोलचूर ग्राम पंचायत का है, जहां सचिव और पूर्व सरपंच ने दीवार निर्माण के नाम पर पूरे साढ़े चार लाख रुपए हड़प लिए हैं। प्रशासन इतने बड़े घोटाले पर मौन साधे बैठा है।
बस्तर ब्लॉक की ग्राम पंचायत कोलचुर में बाउंड्रीवॉल निर्माण को लेकर सामने आया घोटाला अब गंभीर रूप ले चुका है।ग्रामीणों ने साफ तौर पर आरोप लगाया है कि सचिव और पुराने सरपंच ने करीब 4.50 लाख रुपये दो साल पहले निकाल लिए, लेकिन आज तक जमीनी स्तर पर कोई निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। पूरा काम केवल कागजों पर ही दिखा दिया गया है और पूरी राशि हड़प ली गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत फंड का इस तरह से दुरुपयोग करना सीधे-सीधे भ्रष्टाचार की श्रेणी में आता है। गांव के लोग रोजाना पंचायत भवन और उसके आस-पास जाकर देखते हैं, लेकिन वहां न तो कोई दीवार बनी है और न ही निर्माण का कोई निशान मौजूद है। यह मामला पूरी तरह से कागजों पर विकास का प्रतीक बन चुका है। लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि इतने बड़े स्तर पर घोटाला होने के बाद भी अब तक किसी जिम्मेदार अधिकारी ने जांच शुरू नहीं की। ग्रामीणों का मानना है कि यदि इस मामले को नज़रअंदाज़ किया गया तो पंचायत स्तर पर भ्रष्टाचार करने वालों का हौसला और बढ़ेगा। ग्रामीण अब सामूहिक रूप से मांग कर रहे हैं कि तत्काल ग्राम स्तरीय जांच कराई जाए और दोषी सचिव को कठोर दंड दिया जाए। वे यह भी चाहते हैं कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष हो और इसमें जिला स्तर के अधिकारी भी शामिल हों, ताकि सच्चाई दबाई न जा सके।
आंदोलन की भी तैयारी
लोगों का कहना है कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए भी तैयार हैं। उनका मानना है कि दोषियों पर कठोर कार्रवाई ही भविष्य में इस तरह के फर्जीवाड़े पर रोक लगा सकती है और ग्रामीणों का विश्वास प्रशासन पर दोबारा कायम कर सकती है।