
दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले में ‘लोन वर्राटू’ अभियान के तहत बुधवार को 71 नक्सलियों ने एक साथ आत्मसमर्पण कर इतिहास रच दिया। यह अब तक का सबसे बड़ा सामूहिक आत्मसमर्पण है। दंतेवाड़ा एसपी गौरव रॉय और सीआरपीएफ अधिकारियों की मौजूदगी में हुए इस आत्मसमर्पण में 30 नक्सलियों पर कुल 64 लाख रुपये का इनाम था। कई आत्मसमर्पित नक्सली विभिन्न नक्सली घटनाओं में शामिल रहे हैं।
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति के तहत 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि, कौशल विकास प्रशिक्षण, कृषि भूमि और अन्य सुविधाएँ प्रदान की जाएँगी।
दंतेवाड़ा एसपी गौरव रॉय ने बताया कि ‘पूना मारगेम’ और ‘लोन वर्राटू’ (गोंडी भाषा में ‘घर लौटो’) अभियान नक्सलियों को मुख्यधारा में लौटने का अवसर देता है। दंतेवाड़ा पुलिस और जिला प्रशासन शांति और विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सक्रिय नक्सलियों से हिंसा का मार्ग त्यागकर परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्व निभाने की अपील की।
‘लोन वर्राटू’ अभियान के तहत पिछले 19 महीनों में दंतेवाड़ा जिले में 297 इनामी नक्सलियों सहित कुल 1113 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिसमें दंतेवाड़ा, बस्तर, बीजापुर और नारायणपुर के 887 पुरुष और 226 महिला नक्सली शामिल हैं। इस अभियान ने नक्सलियों के वरिष्ठ नेतृत्व से लेकर आधार कैडर तक को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
आत्मसमर्पित 71 नक्सलियों में शामिल प्रमुख नाम और उनकी भूमिकाएँ निम्नलिखित हैं:
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बामन मड़काम (30 वर्ष), प्लाटून नंबर 2 पीपीसीएम/डिप्टी कमांडर, पंगुड़, थाना मोदकपल्ली (8 लाख रुपये इनामी)।
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मनकी उर्फ समीला मण्डावी (20 वर्ष), कंपनी नंबर 1 सदस्य, ताड़नार, थाना ओरछा, नारायणपुर (8 लाख रुपये इनामी)।
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शमिला उर्फ सोमली कवासी (25 वर्ष), एसीएम/इन्द्रावती एरिया कमेटी जनमिलिशिया कमांडर, रेखावाया, थाना ओरछा (5 लाख रुपये इनामी)।
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गंगी उर्फ रोहनी बारसे (25 वर्ष), भामरागढ़ एरिया कमेटी एसीएम, कंगालतोंग, थाना किस्टाराम, सुकमा (5 लाख रुपये इनामी)।
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संतोष मण्डावी (30 वर्ष), एसीएम/कुतुल एरिया कमेटी जनमिलिशिया कमांडर, पल्लेवाया तुतपारा, थाना भैरमगढ़, बीजापुर (5 लाख रुपये इनामी)।