0 जल जीवन मिशन से ग्रामीणों का संकट दूर
जगदलपुर। बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित गांव भी अब विकास की मुख्यधारा से जुड़ते जा रहे हैं। इन गांवों में बिजली, पानी, सड़क, स्कूल, चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाएं ग्रामीणों को मिलने लगी हैं। ऐसा ही एक गांव है नम्बी, जहां अब ग्रामीणों को घर में ही शुद्ध पेयजल मिलने लगा है।
बीजापुर जिले के उसूर विकासखंड का नम्बी गांव, कभी विकास से कोसों दूर था, यहां के ग्रामीणों को पानी के लिए दर दर भटकना पड़ता था। आज यह गांव जल जीवन मिशन योजना के तहत एक प्रेरणास्पद सफलता की कहानी बनकर उभरा है। बीहड़ और दुर्गम जंगलों के बीच स्थित यह गांव, जहां बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना एक समय में असंभव सा प्रतीत होता था, अब छत्तीसगढ़ सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति और नियद नेल्ला नार योजना की मदद से विकास की मुख्यधारा में जुड़ गया है।जल जीवन मिशन योजना के अंतर्गत नम्बी गांव में 28.18 लाख रुपये की लागत से तीन सौर ऊर्जा संचालित नलकूप स्थापित किए गए हैं। इस योजना के अंतर्गत 5185 मीटर लंबी पाइप लाइन बिछाई गई है, जिससे गांव के 76 परिवारों को हर घर नल कनेक्शन के माध्यम से शुद्ध पेयजल मिल रहा है।यह गांव अब उन गांवों में शामिल हो गया है, जहां शत-प्रतिशत घरों में नल से जल की सुविधा उपलब्ध है।
मनाया हर घर जल उत्सव
नम्बी गांव में ग्राम सभा के तत्वावधान में हर घर जल उत्सव का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में गांव की सरपंच सुशीला काका, सचिव पांडा कावरे और समस्त ग्रामवासी उपस्थित रहे। इस दौरान, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा गांव को “हर घर जल” प्रमाणित किया गया। यह प्रमाणन दर्शाता है कि गांव के प्रत्येक घर में नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। इस योजना के संचालन और संधारण की जिम्मेदारी अब पंचायत को सौंप दी गई है, जिससे गांव में जल आपूर्ति व्यवस्था स्थायित्व की ओर अग्रसर हो रही है। पंचायत की निगरानी में यह योजना अब स्थानीय सहभागिता से और भी बेहतर तरीके से संचालित होगी।