हीरे तराशने में जुटे सरपंच नीलम कश्यप

0  पंचायत के बच्चों की शिक्षा के लिए प्रण प्राण से लगे हैं कोसमी सरपंच
बकावंड। हीरे के लिए मध्यप्रदेश के पन्ना तक जाने की जरूरत नहीं है। असली हीरे तो हमारे आसपास ही मौजूद रहते हैं। बस उनकी परख करने और उन्हें तराशने की जरूरत होती है। बकावंड ब्लॉक के एक सरपंच कुछ ऎसी ही शानदार पहल कर रहे हैं। इस सरपंच का नाम है नीलम कश्यप। नीलम एक कीमती रत्न है। मगर कोसमी ग्राम पंचायत का यह नीलम गांव के हीरों को तराशने का काम कर रहा है।
कोसमी ग्राम पंचायत के लोगों ने जबसे नीलम कश्यप को अपना सरपंच चुना है, कोसमी में बदलाव की शानदार बयार बहने लगी है। उच्च शिक्षित, युवा और अपने कर्तव्य के प्रति सजग सरपंच नीलम कश्यप पंचायत के बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने, पंचायत क्षेत्र की बस्तियों के समग्र विकास, ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का ज्यादा से ज्यादा लाभ दिलाने की दिशा में समर्पित होकर काम कर रहे हैं। नीलम कश्यप अक्सर पंचायत क्षेत्र की शालाओं और आंगनबाड़ी केंद्रों में पहुंच जाते हैं, बच्चों संग बैठकर बतियाते हैं, उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित करते हैं, स्कूलों के मध्यान्ह भोजन और आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं व शिशुवती माताओं को दिए जाने वाले पौष्टिक आहार की गुणवत्ता परखते हैं। सरपंच नीलम कश्यप आज ग्राम पंचायत कोसमी के आवास प्लाट पारा की प्राथमिक शाला पहुंचे। उन्होंने स्कूली बच्चों के साथ मध्यान्ह भोजन ग्रहण किया और भोजन की गुणवत्ता सुधारने के लिए चर्चा की। महिला समूह को मध्यान्ह भोजन में पौष्टिक तत्वों की प्रचुरता रखने के लिए कहा, जिससे बच्चों को स्वस्थ और पौष्टिक भोजन मिल सके। मध्यान्ह भोजन योजना का उद्देश्य न केवल बच्चों को पौष्टिक भोजन प्रदान करना है, बल्कि उनकी शिक्षा और स्वास्थ्य को भी बढ़ावा देना है। नीलम कश्यप ने बच्चों को रोज स्कूल आने और पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया।

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