
गरियाबंद। नक्सलियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों ने एक बार फिर से करारा प्रहार किया है। गुरुवार को गरियाबंद जिले के मटाल पहाड़ों में हुई भीषण मुठभेड़ में जवानों ने 10 खूंखार नक्सलियों को मार गिराया। इस ऑपरेशन ने नक्सली संगठनों की कमर तोड़ दी है, क्योंकि मारे गए माओवादी छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्रप्रदेश में बड़े पदों पर सक्रिय थे। इन पर तीनों राज्यों की सरकारों ने कुल 3 करोड़ 4 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
सबसे बड़ा झटका: सेंट्रल कमेटी का इनामी लीडर ढेर
इस मुठभेड़ में सबसे बड़ा नाम मनोज उर्फ मोडेम बालाकृष्णन उर्फ भास्कर उर्फ बालन्ना का है, जो नक्सलियों की सेंट्रल कमेटी का सदस्य था। उसके पास एके-47 थी और वह तेलंगाना के वारंगल जिले का निवासी था। उस पर छत्तीसगढ़ सरकार ने 1 करोड़, ओडिशा ने 25 लाख और आंध्रप्रदेश ने 25 लाख रुपये का इनाम रखा था। जवानों ने इस कुख्यात नक्सली को मारकर नक्सलियों के नेटवर्क को बड़ा झटका दिया है।
मुठभेड़ के बाद भारी मात्रा में हथियार बरामद
मुठभेड़ के बाद सर्च ऑपरेशन में सुरक्षा बलों ने घटनास्थल से एके-47, एसएलआर, इंसास, 303 रायफल, 12 बोर गन और भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की। मारे गए नक्सलियों के शव और जब्त हथियारों को दो हेलीकॉप्टरों के जरिए गरियाबंद रक्षित केंद्र लाया गया।
अन्य प्रमुख नक्सली जो मारे गए
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प्रमोद उर्फ पांडू उर्फ चंद्रन्ना: ओडिशा राज्य कमेटी का सदस्य, एके-47 के साथ। आंध्रप्रदेश के आर.आर. जिले का निवासी। इनाम: छत्तीसगढ़- 25 लाख, ओडिशा- 20 लाख, आंध्रप्रदेश- 20 लाख।
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विमल उर्फ मंगन्ना उर्फ सुरेश: तकनीकी टीम प्रभारी (DVCM), एसएलआर के साथ। तेलंगाना के आदिलाबाद का निवासी। इनाम: छत्तीसगढ़- 8 लाख, ओडिशा और आंध्रप्रदेश- 5-5 लाख।
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विक्रम उर्फ मंजु: ACM, 303 रायफल के साथ। सुकमा (छत्तीसगढ़) का निवासी। इनाम: छत्तीसगढ़- 5 लाख, ओडिशा और आंध्रप्रदेश- 4-4 लाख।
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उमेश पिता सुकनू: SDK एसी डिप्टी कमांडर, एसएलआर के साथ। नारायणपुर (छत्तीसगढ़) का निवासी। इनाम: छत्तीसगढ़- 5 लाख, ओडिशा और आंध्रप्रदेश- 4-4 लाख।
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रजीता पति डमरू: ACM, एसएलआर के साथ। कांकेर की निवासी। इनाम: छत्तीसगढ़- 5 लाख, ओडिशा और आंध्रप्रदेश- 4-4 लाख।
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अंजली पति कृष्णा: तकनीकी टीम ACM, सिंगल शॉट के साथ। इनाम: छत्तीसगढ़- 5 लाख, ओडिशा और आंध्रप्रदेश- 4-4 लाख।
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सिंधु: तकनीकी टीम ACM, इंसास के साथ। इनाम: छत्तीसगढ़- 5 लाख, ओडिशा और आंध्रप्रदेश- 4-4 लाख।
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आरती: पीएम-06 कंपनी की सदस्य, एसएलआर के साथ। इनाम: छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्रप्रदेश- 1-1 लाख।
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समीर: पीएम तकनीकी टीम (उषा का गार्ड), 12 बोर हथियार के साथ। इनाम: छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्रप्रदेश- 1-1 लाख।
सुरक्षा बलों का दमदार ऑपरेशन
एडीजी एंटी नक्सल ऑपरेशन विवेकानंद सिन्हा ने इस अभियान को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा, “नक्सलियों को नए इलाकों में पांव पसारने से पहले ही खत्म कर दिया गया। ऑपरेशन अभी भी जारी है।” वहीं, अमरेश मिश्रा ने जवानों की बहादुरी की सराहना करते हुए कहा, “जवानों ने शस्त्र पूजन से पहले रक्त पूजन का संकल्प लिया था और उसे पूरा कर दिखाया।”
एसपी निखिल राखेचा ने नक्सलियों से आत्मसमर्पण की अपील दोहराई, “8 महीने पहले भी हमने आत्मसमर्पण की अपील की थी। अब भी कह रहे हैं कि भटके हुए लोग समर्पण नीति का लाभ लेकर मुख्यधारा में शामिल हो सकते हैं।”
नक्सलियों के खिलाफ अंतिम चोट
यह मुठभेड़ नक्सलियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ पुलिस और सुरक्षा बलों की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक है। कुल इनाम राशि:
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छत्तीसगढ़ शासन: 1 करोड़ 60 लाख रुपये
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ओडिशा शासन: 72 लाख रुपये
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आंध्रप्रदेश शासन: 72 लाख रुपये
सुरक्षा बलों की इस जोरदार कार्रवाई ने नक्सलियों को साफ संदेश दे दिया है कि हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटना ही उनके लिए एकमात्र विकल्प है।