
० मेयर के प्रयास से वार्ड के लोगों ने ली चैन की सांस
जगदलपुर। नगर के सरदार वल्लभभाई पटेल वार्ड के गुरुद्वारा के सामने वाली गली में लंबे समय से पेयजल समस्या बनी हुई थी। नलों में पानी नहीं आना और पुरानी पाइप लाइन से गंदा पानी बहना वार्डवासियों की दिनचर्या को संकटमय बनाए हुए था। स्थानीय लोग कई दिनों से अपनी समस्या लेकर आवाज़ उठा रहे थे, लेकिन समाधान नहीं हो पा रहा था।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए महापौर संजय पांडे ने संज्ञान लिया और शनिवार को स्वयं मौके का निरीक्षण किया। उनके साथ एमआईसी सदस्य लक्ष्मण झा, सुरेश गुप्ता, वार्ड पार्षद श्वेता बघेल, कार्यकर्ता दिलीप सुंदरानी तथा नगर निगम का अमला भी मौजूद रहा। महापौर संजय पाण्डे ने वार्डवासियों से बातचीत की तो लोगों ने साफ शब्दों में कहा कि हम महीनों से शुद्ध पानी के लिए परेशान हैं, यदि निगम गंभीरता से कदम उठाए तो यह समस्या दूर हो सकती है। जनता की व्यथा सुनकर महापौर ने तत्काल निगम अधिकारी संजीव कर्ण को बुलाया और पाइप लाइन बदलने का निर्देश दिया। उनके सामने ही पुरानी जर्जर पाइप लाइन को हटाकर नई पाइप लाइन डलवाने का कार्य शुरू किया गया। पानी में फोर्स न होने के कारण लोग नाली के भीतर बिछे पाइप लाइन से पानी भर रहे थे। उस कनेक्शन को हटाकर तत्काल नया कनेक्शन लगाया गया और लोगों को राहत दिलवाई।
राहत और विश्वास का माहौल
महापौर संजय पांडे के इस कदम से लोगों में राहत की सांस ली। पानी की समस्या से लंबे समय से जूझ रहे नागरिकों में भरोसा जगा है कि अब उन्हें शुद्ध पेयजल मिल सकेगा। वार्डवासियों ने महापौर संजय पांडे के इस प्रयास के लिए आभार जताते हुए कहा कि जब नेतृत्व संवेदनशील हो और जनता की तकलीफ को अपनी जिम्मेदारी समझे, तभी ऐसे त्वरित समाधान संभव है। जो लोग लंबे समय से जल कर बिल नहीं पटा रहे हैं महापौर ने उनसे आग्रह किया कि वे जल कर नियत तिथि में पटाएं।
जिम्मेदारी भी है यह
नगर निगम का दायित्व केवल सड़कों और नालियों तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं, पानी, बिजली और सफाई की जिम्मेदारी भी है। सरदार वल्लभभाई पटेल वार्ड का पेयजल संकट इस बात का प्रमाण है कि समय रहते यदि प्रशासन और जनप्रतिनिधि सजग हों तो बड़ी समस्याओं को मौके पर ही सुलझाया जा सकता है। महापौर संजय पांडे का यह कदम न केवल वार्डवासियों को राहत देता है बल्कि प्रशासनिक सक्रियता का उदाहरण भी प्रस्तुत करता है। नागरिकों को उम्मीद है कि निगम इस समस्या के स्थायी समाधान पर ध्यान देगा ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।