० बदइंतजामी के विरोध का दल्ली राजहरा के युवक ने अपनाया अनूठा तरीका
० सड़कों के गड्ढों में युवक कर रहा है पौधरोपण
(अर्जुन झा) दल्लीराजहरा। लौह नगरी दल्लीराजहरा की सड़कों का बुरा हाल हो गया है। सड़कों पर बड़े बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिनमें पानी भरा हुआ है। ये गड्ढे लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गए हैं। ऐसे में शहर के एक युवक ने विरोध का नया तरीका अपनाया है।यह युवक गड्ढों में पौधे रोपकर विरोध जता रहा है। आम नागरिक युवक के विरोध के इस तरीके को खूब पसंद कर रहे हैं। कुछ लोगों ने तो विरोध के इस तरीके को “एक पेड़ गड्ढों के नाम” तक दे डाला है। दल्ली राजहरा में एक नहीं, बल्कि तीन संस्थानों का राज चलता है। एक है राज्य शासन, दूसरा बीएसपी प्रबंधन और तीसरा नगर पालिका। इसके बावजूद दल्ली राजहरा नगर बदहाली की मार झेल रहा है। यहां की सड़कें बहुत ही ज्यादा खस्ताहाल हो चुकी हैं। सड़कों पर जगह जगह बन आए गड्ढे दुर्घटनाओं का कारण बन गए हैं। यहां लोग हादसों में लगातार अपने हाथ पैर तुड़वा रहे हैं जान गंवा रहे हैं, लेकिन सुध लेने वाला कोई नहीं है। इन हालातों को देख शहर के एक युवक ने शासन, बालोद जिला प्रशासन, बीएसपी प्रबंधन और स्थानीय नगर पालिका प्रशासन का ध्यान खींचने के लिए अनोखी तरकीब ढूंढ निकाली है।
यह शख्स सड़क पर बने गड्ढे में पेड़ लगाकर लोगों को सतर्क करने के साथ ही जिम्मेदारों को आईना दिखाने का भी काम कर रहा है। सड़क पर बने गड्ढों से परेशान आने जाने वाले स्थानीय लोगों का समस्या का समाधान व अधिकारियों, प्रशासन के आंखों में लगी पट्टी खोलने का प्रयास यह युवक कर रहा है। इस शख्स का नाम है डेविड जो मानपुर चौक का रहने वाला है, जो आपका भी काम आ सकती है । यह पहली बार नहीं है, जब लोगों ने प्रशासन को जगाने के लिए अनोखे कदम उठाए हों। जहां एक शख्स ने सड़क के बीचो-बीच बने गड्ढे में अशोक का पेड़ लगा दिया। शख्स का कहना है कि लंबे समय से यहां गड्ढा बना हुआ है। इससे आम लोगों को यहां से चलना मुश्किल हो गया है। लोगों को इससे होने वाली परेशानी से बचाने और जिम्मेदार अधिकारियों को जगाने लिए इस शख्स ने सड़क के बीचों-बीच अशोक का पेड़ लगा दिया और उसका तस्वीर खींचकर लोगों को शेयर कर दिया। बताया जा रहा है कि गड्ढे की वजह से दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है। जिससे आएदिन आम लोगों को तकलीफ हो रही है तथा इससे आवागमन भी प्रभावित हो रहा है। शख्स डेविड का कहना है कि पेड़ लगे होने की वजह से यह अंदाजा लगाना आसान हो जाता है कि गड्ढा किस तरफ से है मीडिया के जरिए अधिकारियों तक यह संदेश पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। स्थानीय नागरिक इस युवक की पहल की सराहना कर रहे हैं। वहीं कुछ नागरिकों ने तो डेविड की इस मुहिम को “एक पेड़ गड्ढों के नाम” अभियान भी दे दिया है। अब देखने वाली बात यह है कि डेविड की यह मुहिम अधिकारियों की तंद्रा भंग कर पाती भी है या नहीं?