
(अर्जुन झा) बकावंड। उड़ीसा की सीमा से सटे बकावंड विकासखंड में प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत निर्मित सड़कों का बेड़ागर्क हो रहा है। करोड़ों खर्च कर बनाई गई सड़कें अब चलने लायक भी नहीं रह गई हैं।तारापुर की बदहाल सड़क तो राहगीरों को दिन में तारे दिखा रही है। ग्रामीण परेशान हो रहे हैं और उच्च अधिकारियों को सड़कों की बदहाली देखने की भी फुरसत नहीं है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना गांवों के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई है, मगर अधिकारी केंद्र सरकार की मंशा पर पानी फेर रहे हैं। गांवों में प्रधानमंत्री सड़क निर्माण के नाम पर जमकर भ्रष्टाचार किया गया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की निर्माण एजेंसी के अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से स्तरहीन सड़कें बनवाई गई हैं, जिसका नतीजा यह हो रहा है कि ये सड़कें 5-6 माह भी नहीं टिक पा रही हैं। इनकी हालत पुरानी सड़कों से भी बदतर हो गई है। गड्ढों और कीचड़ से सराबोर ये सड़कें ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बन गई हैं। बकावंड ब्लाक की ग्राम पंचायत तारापुर मुख्य मार्ग मेन राजामुंडा मुख्य मार्ग बेहाल हो गया है। इस मुख्य मार्ग से कई सरकारी अधिकारी कर्मचारी भी आना जाना करते हैं, सैकड़ों गाड़ियां गुजरती हैं। एक तो घटिया निर्माण, ऊपर से ओवर लोड रेत भरे ट्रक टिप्परों ने सड़कों का हुलिया और भी बिगाड़ दिया है। तारापुर पंचायत ओड़िशा की सीमा के बहुत ही करीब स्थित है। इसी सड़क से ओड़िशा तक भी आवागमन और ट्रांसपोर्टेशन होता है। इस लिहाज से यह सड़क महत्वपूर्ण है, मगर भ्रष्टाचार ने महत्वपूर्ण सड़क को महत्वहीन बना दिया है।इस बदहाल सड़क पर अक्सर हादसे होते रहते हैं। इस सड़क को पार करने के दौरान दिन में भी तारे नजर आने लगते हैं।