रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज विभिन्न मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) कर्मियों की हड़ताल पर उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है और धरना-प्रदर्शन संवैधानिक अधिकार है। NHM कर्मियों की मांगों में नियमितीकरण, पे-ग्रेड और राष्ट्रीय स्तर की मांगें शामिल हैं। जायसवाल ने बताया कि NHM केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से चलता है, और कई प्रस्ताव केंद्र को भेजे जाएंगे। हाल ही में हुई बैठक में पे-ग्रेड में 27% वृद्धि का निर्णय लिया गया है। उन्होंने स्थानांतरण नीति, स्वास्थ्य बीमा और मेडिकल अवकाश पर भी चर्चा होने की बात कही। मौसमी बीमारियों के समय को देखते हुए उन्होंने NHM कर्मियों से हड़ताल न करने की अपील की।
सीमेंट की बढ़ती कीमतों पर जायसवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सीमेंट की खपत अधिक है, लेकिन कंपनियों ने कीमतें कम नहीं कीं। मूल्य वृद्धि का कारण स्पष्ट नहीं है, और इस मुद्दे पर वे मुख्यमंत्री और उद्योग मंत्री से चर्चा करेंगे। कांग्रेस द्वारा बीजेपी विधायक विनायक गोयल का वीडियो जारी करने पर जायसवाल ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है। उन्होंने कहा कि विधायक भी एक आम व्यक्ति हैं और परिस्थितियां भिन्न हो सकती हैं। बीजेपी को एक बड़ा परिवार बताते हुए उन्होंने कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी पर निशाना साधा।
कांग्रेस के ‘वोट चोर आंदोलन’ पर जायसवाल ने कहा कि कांग्रेस को लोकतंत्र और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर भरोसा नहीं है। पहले EVM पर सवाल उठाए और अब वोट चोरी का आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव के दिन कांग्रेस के एजेंट भी बूथ पर मौजूद थे, फिर भी उन्हें अपने एजेंटों पर भरोसा नहीं है। मंत्रिमंडल विस्तार के सवाल पर जायसवाल ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर तंज कसते हुए कहा कि यह ‘बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना’ वाली स्थिति है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपनी चिंता करनी चाहिए, क्योंकि ढाई-ढाई साल का फॉर्मूला कांग्रेस ने ही बनाया था। उन्होंने टीएस सिंहदेव का जिक्र करते हुए कहा कि बघेल को उनके ‘सूट’ की चिंता करनी चाहिए।
कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान पर निशाना साधते हुए जायसवाल ने कहा कि दो साल में भी कांग्रेस संगठन नहीं बना पाई, जबकि भगवान विश्वकर्मा इतने समय में नई सृष्टि रच देते। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की गुटबाजी के कारण संगठन का निर्माण रुका हुआ है, जबकि बीजेपी ने इस दौरान अपने संगठन का विस्तार कर लिया।