रायपुर। छत्तीसगढ़ की संस्कारधानी रायपुर के गुढ़ियारी में एक बार फिर इतिहास रचने की तैयारी है। सार्वजनिक दही हांडी उत्सव समिति और श्री हनुमान मंदिर ट्रस्ट के तत्वावधान में भगवान श्री कृष्ण जन्मोत्सव के पावन अवसर पर 16वां दही-हांडी उत्सव 17 अगस्त 2025, रविवार को शाम 4 बजे से अवधपुरी मैदान, श्री नगर रोड, गुढ़ियारी में आयोजित होगा। समिति के संयोजक बसंत अग्रवाल ने बताया कि इस भव्य आयोजन में कुल 11 लाख रुपये की इनाम राशि रखी गई है, जिसमें पुरुष दही-हांडी के लिए 7 लाख, महिला दही-हांडी के लिए 2 लाख, और ग्रीस युक्त खंभा हांडी के लिए 2 लाख रुपये शामिल हैं। इसके अलावा, 50 लोगों की टोली को 11 हजार रुपये और 100 लोगों की टोली को 21 हजार रुपये का सांत्वना पुरस्कार दिया जाएगा। यह आयोजन छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित दही-हांडी उत्सव माना जाता है।
यह उत्सव अब केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं है। संयोजक बसंत अग्रवाल की दूरदर्शिता और प्रयासों से यह आयोजन राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुका है। इस वर्ष छत्तीसगढ़ के रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बेमेतरा, कवर्धा जैसे जिलों के साथ-साथ ओडिशा, मध्यप्रदेश, झारखंड और महाराष्ट्र से भी गोविंदा टोलियां हिस्सा लेंगी। सह-संयोजक हेमेंद्र साहू ने बताया कि अब तक 30 स्थानीय टोलियों और कई महिला टोलियों ने पंजीयन कराया है। इसके अलावा, महाराष्ट्र, इंदौर और जबलपुर की प्रसिद्ध गोविंदा टोलियां भी प्रतियोगिता में शामिल होंगी। यह प्रतियोगिता सभी के लिए निःशुल्क है।
इस वर्ष भी समिति ने मनोरंजन का विशेष ध्यान रखा है। इंडियन आइडल चैंपियन पवनदीप राजन अपनी सुरीली आवाज से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे। वहीं, विश्व विख्यात भजन गायिका गीता बेन रबारी अपने भजनों से माहौल को कृष्णमय बनाएंगी। गीता बेन की लोकप्रियता भारत और विदेशों में भी खूब है। इसके साथ ही, राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित छत्तीसगढ़ की लोकप्रिय गायिका पूनम-दिव्या तिवारी अपनी प्रस्तुतियों से समां बांधेंगी। ओडिशा के कलाकारों द्वारा पारंपरिक “घंटा बाजा” और ग्रीस युक्त खंभे पर चढ़ने की प्रतियोगिता विशेष आकर्षण होगी। संयोजक बसंत अग्रवाल ने बताया, “हमने 2010 में महावीर स्कूल के पास एक छोटे से मैदान से यह आयोजन शुरू किया था। तब केवल स्थानीय मोहल्लों की टोलियां जैसे मुर्रा भट्टी, सतनामी पारा, सुक्रवारी बाजार हिस्सा लेती थीं। भगवान श्री कृष्ण के आशीर्वाद और लोगों के सहयोग से यह आयोजन आज विशाल रूप ले चुका है।” कोरोना महामारी के कारण दो वर्ष यह आयोजन नहीं हो सका, लेकिन अब 16वें वर्ष में यह पूरे उत्साह और भव्यता के साथ लौट रहा है। समिति ने हजारों दर्शकों और गोविंदा टोलियों की सुविधा व सुरक्षा के लिए व्यापक व्यवस्था की है। दर्शकों के लिए बैठने की उचित व्यवस्था, प्रशासन के सहयोग से चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल, प्राथमिक उपचार केंद्र और एम्बुलेंस की सुविधा मौजूद रहेगी। समिति ने स्पष्ट किया है कि प्रतियोगिता के दौरान किसी भी गोविंदा टोली के साथ होने वाली दुर्घटना की जिम्मेदारी टोली की होगी, न कि समिति की।