बिजली बिल हॉफ से मुफ़्त बिजली का दावा झूठा, असल में न राहत की नियत है न सबको सब्सिडी की मंशा – वर्मा

0 एक साल में मात्र 60 से 70 हजार लोगों को अर्थात 125 साल लगेंगे इस रफ़्तार से लाभ देने में, वह भी तब जब परिवारों की संख्या स्थिर हो जाए

रायपुर। बिजली बिल हॉफ योजना बंद करके सौर ऊर्जा सब्सिडी से मुफ्त बिजली के दावे को भाजपा सरकार का नया जुमला करार देते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि बिजली बिल आप योजना का लाभ छत्तीसगढ़ के सभी घरेलू उपभोक्ताओं को मिल रहा था जबकि सौर ऊर्जा सब्सिडी अब तक मात्र 4326 परिवारों को ही मिला है। सरकार का दावा ही योजना की पोल खोलती है। सौर ऊर्जा सब्सिडी के लिए वर्ष 2025-26 में 60000 और 2026-27 में 70 हजार घरों में लगने वाले संयंत्र को सब्सिडी देने का लक्ष्य रखा गया है अर्थात 2 साल में कुल 1 लाख 30 हजार, वर्तमान में प्रदेश में लगभग 80 लाख परिवार हैं इस रफ्तार से लाभ देने में 125 साल लगेंगे वह भी तब जब प्रदेश में घरों की संख्या स्थिर हो जाए। यही नहीं इस सरकार का दावा है कि अब तक कुल 47000 आवेदन आए हैं और लगे केवल 4326 जो कुल आवेदन का मात्र जो कुल आवेदन का मात्र 9 प्रतिशत होता है। ऐसे में बिजली बिल हॉफ से मुफ़्त बिजली का दावा केवल लफ्फाजी है, झूठ है, जुमला है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि लागत और सब्सिडी को लेकर किए जा रहे सरकारी दावे भी अव्यवहारिक है। 1 किलोवाट का सोलर पैनल लगवाने के कुल लागत लगभग 70000 है केंद्र की सब्सिडी 30 और राज्य की 15000 अर्थात कुल सब्सिडी 45000 की 25000 की व्यवस्था हितग्राही को स्वयं करना है। 2 किलो वाट के लिए केंद्र की सब्सिडी 60 हजार और राज्य की 30 हजार, 3 किलोवाट के लिए केंद्र की 78 हजार और राज्य की 30 हजार जो की अधिकतम सब्सिडी है। आमतौर पर जो थ्री फेस कनेक्शन होते हैं, उसमें न्यूनतम लोड 5 किलो वाट का होता है, जिसके लिए सोलर पैनल लगवाने कम से कम 3 लाख 50 हजार लागत आयेगा और कुल अधिकतम सब्सिडी 1 लाख 8 हजार, अर्थात 5 किलोवाट लोड क्षमता के सोलर पैनल के लिए कुल 3 लाख 50 हजार लागत में से 2 लाख 42 हजार हितग्राहियों को स्वयं वहन करना होगा। बैंक फाइनेंस पर न्यूनतम 6-7 प्रतिशत ब्याज के साथ किश्त वर्तमान कुल बिजली बिल से कम से कम दुगुना आयेगा।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि अचानक 100 यूनिट से अधिक की ख़पत पर बिजली बिल हॉफ योजना ख़त्म करना सरकार का जन विरोधी निर्णय है, इससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों का बजट बिगड़ जाएगा। पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार ने बिना भेदभाव के आम जनता को 400 यूनिट तक बिजली में आधी छूट की रियायत देकर बढ़ती महंगाई से सीधे तौर पर रियायत दी थी, भाजपा की सरकार बनने के बाद 4-बार बिजली के दाम बढ़ाए, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए भाजपा सरकार ने अब तक कुल 80 पैसे प्रति यूनिट की कीमत बढ़ा चुकी है, फिर अचानक बिजली बिल हॉफ योजना ख़त्म करके आम जनता पर अत्याचार कर रही है सरकार। सरकारी विभागों, सरकारी उपक्रमों और नेता, मंत्री, अफसरों के अनाप सनाप बिजली खपत और बिजली बिल नहीं पटाने, लाइन लॉस और बिजली चोरी को रोकने में नाकाम सरकार अब अनुचित तरीके से आम जनता को इसकी सजा दे रही है।

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