रायपुर। छत्तीसगढ़ में रक्षाबंधन का पर्व 9 अगस्त 2025 को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सेंट्रल जेल रायपुर में बड़ी संख्या में बहनें अपने भाइयों को राखी बांधने पहुंचीं। जेल के बाहर महिलाओं की लंबी कतारें देखी गईं, जहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
जेल प्रशासन ने रक्षाबंधन के अवसर पर विशेष व्यवस्थाएं की थीं। राखी बांधने आई महिलाओं को पहले पंजीकरण कराना अनिवार्य था, जिसके बाद उनकी दो बार जांच की गई—पहले प्रवेश द्वार पर और फिर जेल परिसर में प्रवेश के बाद। नियमानुसार, महिलाओं को केवल 100 ग्राम मिठाई और राखी के साथ ही अंदर जाने की अनुमति दी गई।
कई महिलाएं पहली बार अपने भाइयों को राखी बांधने सेंट्रल जेल पहुंची थीं, जबकि कुछ बहनें वर्षों से इस परंपरा को निभा रही हैं। पहली बार आई कुछ महिलाओं ने व्यवस्था पर असंतोष जताया। उनका कहना था कि लंबी कतारों और तेज धूप के कारण परेशानी हुई, साथ ही पानी की व्यवस्था का अभाव रहा। एक महिला ने बताया, “सुबह 7 बजे से लाइन में खड़े हैं, लेकिन अभी तक भाई से मिलने का मौका नहीं मिला। धूप के कारण काफी दिक्कत हो रही है। वहीं, कुछ महिलाओं ने जेल प्रशासन की व्यवस्थाओं की सराहना की। उनका कहना था कि आधार कार्ड के आधार पर प्रवेश की प्रक्रिया सुचारू थी और व्यवस्थाएं पहले से बेहतर थीं।
जेल अधीक्षक योगेश कुमार छतरी ने बताया कि सुबह 8 बजे से महिलाओं को जेल परिसर में प्रवेश दिया गया। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महिला पुलिसकर्मी सख्ती से जांच कर रही थीं ताकि कोई अनावश्यक सामान अंदर न ले जाया जाए। राखी बांधने की प्रक्रिया के लिए दोपहर 3:30 बजे तक का समय निर्धारित किया गया था।