हाफ बिजली बिल के मुद्दे पर कांग्रेस झूठा नैरेटिव चलाकर प्रदेश को गुमराह करने पर आमादा – शिवरतन शर्मा

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष शिवरतन शर्मा ने कहा है कि प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा हाफ बिजली बिल के प्रावधान में किए गए संशोधन के बाद कांग्रेस प्रेस कॉन्फ्रेंस इस मुद्दे पर झूठा नैरेटिव चलाकर प्रदेश को गुमराह करने पर आमादा हो गई है और अराजकता पैलाने के अपने टूलकिट एजेंडे पर काम कर रही है। श्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश की भाजपा सरकार ने बिना वादा किए बिजली बिल हाफ की योजना को डेढ़ वर्ष तक जारी रखा और अब भी इस योजना को 100 युनिट की खपत सीमा तक जारी रख रही है।

भाजपा उपाध्यक्ष शिवरतन शर्मा जी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की योजनाएं गांव गरीब और किसान को ध्यान में रखकर बनाई जाती है जिनसे उनकी आर्थिक उन्नति हो सके और डेढ़ साल के विष्णु देव सरकार ने यह सच साबित हो रहा है। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष श्री शर्मा ने कहा कि वर्तमान में राज्य के 45 लाख घरेलू उपभोक्ताओं में से लगभग 31 लाख परिवार ऐसे हैं, जिनकी खपत 100 यूनिट प्रतिमाह से अधिक नहीं है जिन्हें योजना का लाभ मिलता रहेगा। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का जिक्र करते हुए श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार इस योजना को गति दे रही है। राज्य सरकार का यह निर्णय गरीब और मध्यमवर्गीय उपभोक्ताओं को राहत देने तथा उन्हें ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर प्रेरित करने का एक सशक्त और दूरदर्शी प्रयास है। यह योजना राज्य को स्वच्छ ऊर्जा, आत्मनिर्भरता और आर्थिक बचत के पथ पर अग्रसर करेगी। श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 3 किलोवॉट या उससे अधिक क्षमता के रूफटॉप सोलर प्लांट की स्थापना पर केंद्र सरकार से 78 हजार और राज्य सरकार से 30 हजार कुल 1.08 लाख तक की सब्सिडी दी जा रही है। इसी प्रकार 2 किलोवॉट क्षमता के सोलर प्लांट पर 75 प्रतिशत यानी 90 हजार का अनुदान उपलब्ध है।

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष श्री शर्मा ने कहा कि 400 यूनिट तक औसत खपत करने वाले उपभोक्ताओं का बिजली बिल सोलर प्लांट की स्थापना के बाद शून्य हो जाएगा। इस प्रकार के उपभोक्ता हॉफ बिजली बिल योजना से “मुफ्त बिजली बिल” योजना की ओर अग्रसर होंगे और दीर्घकालिक बचत प्राप्त करेंगे। श्री शर्मा ने कहा कि रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करने वाले उपभोक्ता अपनी छत पर उत्पादित बिजली का उपयोग करने के साथ-साथ शेष बिजली को ग्रिड में प्रवाहित कर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर सकेंगे। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के अंतर्गत 25 प्रतिशत शेष लागत उपभोक्ता स्वयं वहन कर सकते हैं, या फिर बैंक से न्यूनतम ब्याज दर पर ऋण प्राप्त कर सकते हैं जो प्रतिमाह एक किलोवॉट पर 167 रुपए, 2 किलोवॉट पर 333 रुपए एवं 3 किलोवॉट पर 800 रुपए प्रतिमाह की दर पर भुगतान कर सकते है जो कि जो बिजली बिल की तुलना में बहुत कम है। इस प्रकार उपभोक्ता अपने मासिक बिजली बिल को कम करते हुए भविष्य में आत्मनिर्भर ऊर्जा उत्पादक बन सकते हैं। यह कदम न केवल आर्थिक रूप से लाभकारी है, बल्कि पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है।

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष श्री शर्मा ने कहा कि आज हाफ बिजली विल को लेकर प्रदेश को गुमराह कर रही कांग्रेस के इस बात पर शर्म महसूस करनी चाहिए कि उसकी पिछली भूपेश सरकार के कार्यकाल में बिजली बिल हाफ योजना के तहत बीपीएल एवं घरेलू उपभोक्ताओं के 400 यूनिट तक उपयोग करने वालो का बिजली बिल हाफ करने की डींगें तो खूब हाँकी गई, लेकिन 22 लाख उपभोक्ता इस योजना के लाभ से वंचित ही रखे गए थे। श्री शर्मा ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में विद्युत उत्पादन में भारी कमी दर्ज की गई थी और हालात ये हो चले थे कि कई पॉवर प्लांट को बंद कर दिया गया था।

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