हसदेव में अडानी को फिर अनुमति, ‘मां के नाम पेड़’ नारे पर सवाल…

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री एवं राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल ने कहा कि “एक पेड़ मां के नाम” नारा लगाने वाली भाजपा की विष्णुदेव साय सरकार ने हसदेव के जंगलों में अडानी को जंगल काटने की एक और अनुमति दे दी है। केते एक्सटेंशन कोल ब्लॉक 1760 हेक्टेयर में 1742 हेक्टेयर यानी 99 प्रतिशत घना जंगल है। यहां कटाई से छह लाख से अधिक पेड़ों की कटाई होगी। पूरा ब्लॉक चरनोई नदी का जल ग्रहण क्षेत्र है जिसके सरंक्षण की सिफारिश जैव विविधता अध्ययन रिपोर्ट ने की है। केते एक्सटेंशन की पर्यावरणीय और वन स्वीकृति को हमने अपनी सरकार में रोके रखा था लेकिन भाजपा सरकार ने इसे अनुमति दे रही है। हमारी सरकार ने इस ब्लॉक के भूमि अधिग्रहण जो केंद्र सरकार ने किया उसका भी विरोध किया था परंतु मोदी सरकार ने राजस्थान अडानी के लाभ के लिए अधिग्रहण जारी रखा। ये दोनों ही कोल ब्लॉक राजस्थान सरकार की विद्युत कंपनी के पास हैं और राजस्थान सरकार ने अडानी को एमडीओ नियुक्त कर रखा है।
आंकड़े बताते है कि राजस्थान को सालाना जितने कोयले की ज़रूरत है वह पीईकेबी की चालू खदान से अभी कम से कम 15 बरस तक पूरी हो सकती है। इसका अर्थ यह है कि राजस्थान की ज़रुरत से अधिक कोयला निकालने के लिए अडानी की कंपनी परसा और केते एक्सटेंशन में वनों की व्यर्थ कटाई कर रही है। राजस्थान विद्युत निगम जिसकी खदानों का एमडीओ अडानी कंपनी है को पहले परसा कोल ब्लॉक में पर्यावरणीय और वन स्वीकृति दी गई थी जिसकी प्रारंभिक अनुशंसा रमन सिंह सरकार ने की थी। हालांकि जुलाई, 2022 में विधानसभा में सर्वसम्मति से हसदेव में वनों की कटाई रोकने का प्रस्ताव पारित होने के बाद हमने इस अनुमति के बावजूद परसा कोल ब्लॉक में जंगल की कटाई नहीं होने दी थी और राजस्थान विद्युत निगम को कह दिया था कि इसकी पूरी आवश्यकता पहली खदान पीईकेबी से पूरी हो रही है तो दूसरे या तीसरे ब्लॉक को खोलने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
हमारी सरकार ने केंद्र सरकार को पत्र लिख कर परसा कोल ब्लॉक रद्द करने की भी मांग की थी। आज अडानी के फ़ायदे के लिए छत्तीसगढ़ के शानदार जंगलों की कटाई और हसदेव बागों बांध के जलग्रहण क्षेत्र को विष्णुदेव सरकार बलि चढ़ा रही है। भाजपा सरकार ही अडानी के फायदे के लिए काम कर सकती है। हम हर हाल में छत्तीसगढ़ की जनता के साथ खड़े हैं। भाजपा ही नारा लगा सकती है- “एक पेड़ मां के नाम” और वन कटाई की अनुमति देकर साबित कर सकती है, “सारा जंगल अडानी के नाम।”

सरकार ने बिजली बिल हॉफ योजना बंद कर दिया

100 यूनिट से 1 यूनिट भी ज्यादा खपत तो लाभ नहीं मिलेगा

पूर्व मुख्यमंत्री एवं राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल ने कहा कि बिजली बिल बढ़ने और बिजली की कटौती से परेशान छत्तीसगढ़ की जनता ने एक और बिजली गिरा दी है। विष्णुदेव सरकार ने बिजली बिल हाफ़ योजना में कटौती करने की घोषणा की है। महतारी वंदन योजना में महिलाओं को 1000 रुपए प्रतिमाह देने के बदला सरकार ले रही है। इसके लिए सरकार शराब दुकानें बढ़ा रही है, स्कूलों की संख्या घटा रही है और 10 हज़ार से अधिक स्कूल बंद कर रही है। अभी सुना है कि कई और बोझ जनता पर लादने की तैयारी चल रही है। नई घोषणा के अनुसार अब उपभोक्ताओं को 400 यूनिट की जगह 100 यूनिट की खपत पर ही बिजली बिल हाफ़ योजना का लाभ मिल सकेगा। हमने मार्च, 2019 से बिजली बिल हाफ़ योजना शुरु की थी। इसके अनुसार प्रदेश के 53 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिलता था। पहले 400 यूनिट से अधिक कितना भी खपत हो 400 यूनिट तक की बिजली का रेट आधा हो जाता था नये नियम के अुनसार 100 यूनिट से 1 यूनिट भी अधिक खपत होने पर बिजली बिल पूरे का लगेगा अर्थात सरकार गरीबी रेखा वाले एकल बत्ती कनेक्शन धारी को छोड़कर सभी से पूरा बिजली बिल वसूलेगी। नये नियम से लगभग 50 लाख उपभोक्ता प्रभावित होंगे।

ननों की गिरफ़्तारी के मामले में भारतीय जनता पार्टी का दोहरापन साफ़ ज़ाहिर हो गया है

पूर्व मुख्यमंत्री एवं राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल ने कहा कि ननों की गिरफ़्तारी के मामले में भारतीय जनता पार्टी का दोहरापन साफ़ ज़ाहिर हो गया है। हुड़दंगी बजरंग दल के लोगों के दबाव में पुलिस ने धर्मांतरण और मानव तस्करी का झूठा मामला दर्ज तो कर लिया, लेकिन एनआईए की अदालत में जाते ही कलई खुल गई और ननों को ज़मानत पर रिहा कर दिया गया। इसके बाद छत्तीसगढ़ की भाजपा को सोशल मीडिया पर फैलाया गए अपने ज़हर भरे संदेशों को डिलीट करना पड़ा। केरल भाजपा के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने ननों से मिलकर माफ़ी मांगी। और अब तस्वीरें सामने आई हैं जिसमें पूर्व में केंद्रीय मंत्री रहे चंद्रशेखर पादरियों के साथ मिलकर केक काट रहे हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा है कि केरल भाजपा के दखल से ननों की रिहाई हुई है। भाजपा को समझ में आ गया होगा कि अल्पसंख्यकों के साथ अन्याय की राजनीति नहीं चल सकती। वे वोट के लिए हर बार अल्पसंख्यकों को दबा नहीं सकते।

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