बस्तर के चहुंमुखी विकास हेतु सांसद महेश कश्यप की महत्वपूर्ण पहल,रेल सुविधा विस्तार और जनजातीय गौरव को लेकर केंद्रीय मंत्री को सौंपा पत्र

0 कोरापुट रेल मार्ग से सुकमा को जोड़ने पर जोर 
जगदलपुर। बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद महेश कश्यप ने केंद्रीय रेल, सूचना प्रसारण एवं विज्ञान प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र सौंपा। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बस्तर को मिली चार नई रेल परियोजनाओं की स्वीकृति पर आभार प्रकट करते हुए क्षेत्र के और अधिक समग्र विकास के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव एवं मांगें भी प्रस्तुत की हैं। सांसद कश्यप ने लिखा कि आज़ादी के बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि बस्तर जैसे दूरस्थ और आदिवासी बहुल क्षेत्र को राष्ट्रीय विकास योजनाओं में केंद्र सरकार ने इतनी प्राथमिकता दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की संवेदनशीलता के परिणाम स्वरूप बस्तर को एक साथ चार रेल परियोजनाओं की सौगात मिली है, जो निश्चित ही आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र की दिशा और दशा को बदलने वाली साबित होंगी। विशेषकर प्रस्तावित रेल लाइनें न केवल यात्री सुविधा बढ़ाएंगी, बल्कि इन इलाकों में व्यापार, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता में भी गुणात्मक परिवर्तन लाएंगी। महेश कश्यप ने यह भी कहा है कि रावघाट से जगदलपुर तक स्वीकृत रेल लाइन का कार्य शीघ्र प्रारंभ हो और इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कर-कमलों से हो, इसके लिए उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से विशेष आग्रह किया। यह रेल मार्ग बस्तर को छत्तीसगढ़ के सभी दिशाओं के हिस्सों से जोड़ने में सहायक होगा और राज्य के आंतरिक संपर्क को नया विस्तार देगा। इसके अतिरिक्त सांसद श्री कश्यप ने ओडिशा के कोरापुट से प्रस्तावित रेल मार्ग को छत्तीसगढ़ के सुदूरवर्ती नक्सल प्रभावित क्षेत्र सुकमा से जोड़ने की मांग की है। उन्होंने लिखा कि यह जोड़ न केवल भौगोलिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे सुकमा जैसे जिले को भी रेल सुविधा से जोड़ा जा सकेगा, जो अब तक ऐसे किसी भी आधारभूत ढांचे से वंचित रहा है। इससे न केवल क्षेत्रीय समावेश बढ़ेगा, बल्कि नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास की पहुंच को भी सुदृढ़ आधार मिलेगा।

जनजातीय कॉरिडोर की मांग
सांसद महेश कश्यप ने बस्तर की सांस्कृतिक विरासत और जनजातीय अस्मिता को संरक्षित एवं प्रोत्साहित करने की दिशा में एक दूरदर्शी प्रस्ताव भी दिया। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि छत्तीसगढ़, ओडिशा, तेलंगाना, महाराष्ट्र और आंध्रप्रदेश की सीमाओं से लगे जनजातीय बहुल अंचलों को समाहित करते हुए एक विशेष जनजातीय गौरव बस्तर कॉरिडोर की घोषणा की जाए। सांसद कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जो जनजातीय पुनर्जागरण की लहर चल रही है, उसी को मूर्त रूप देने के लिए बस्तर जैसा क्षेत्र भी रोल मॉडल बन सकता है। मेरा विश्वास है कि केंद्र सरकार इन सुझावों पर शीघ्र निर्णय लेकर बस्तर के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास को नई ऊंचाई देगी।

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