बस्तर की प्रतिभा डॉ. रूपेन्द्र कवि को छत्तीसगढ़ राजभवन में डिप्टी सेक्रेटरी पद पर प्रतिनियुक्ति

जगदलपुर। बस्तर की धरती पर जन्मे और यहीं से अपनी सृजनात्मक, शैक्षणिक एवं सामाजिक यात्रा आरंभ करने वाले बहुमुखी प्रतिभा के धनी डॉ. रूपेन्द्र कवि को छत्तीसगढ़ राजभवन (राज्यपाल सचिवालय) में डिप्टी सेक्रेटरी पद पर प्रतिनियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति न केवल बस्तर क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है, बल्कि समस्त प्रदेश के लिए एक प्रेरणास्रोत भी है।

डॉ. कवि वर्तमान में आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, क्षेत्रीय इकाई बिलासपुर में उपसंचालक के पद पर कार्यरत थे। उनके प्रशासनिक अनुभव, मानवीय दृष्टिकोण एवं जनजातीय समाज के लिए निरंतर किए गए शोध कार्यों के लिए उन्हें यह महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है।

साहित्य, विज्ञान और समाज सेवा में विशिष्ट पहचान
ज्ञातव्य हो कि डॉ. कवि न केवल एक कुशल प्रशासनिक अधिकारी हैं, बल्कि एक समर्पित मानव विज्ञानी, संवेदनशील साहित्यकार, और जनजातीय जीवन शैली के संवाहक भी हैं। बस्तर के लोक जीवन, संस्कृति, और आदिवासी समाज की समस्याओं पर उन्होंने गंभीर शोध किया है, जिसे राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर सराहा गया है। साथ ही, वे कविता, निबंध और सामाजिक विमर्श के माध्यम से भी समाज को जागरूक करने का कार्य करते रहे हैं।

बस्तर की माटी से निकले प्रतिनिधि स्वर
जगदलपुर के नागरिकों, उनके पुराने सहयोगियों, शिक्षकों, मित्रों और परिजनों ने इस अवसर पर उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा कि यह केवल डॉ. कवि की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि बस्तर की माटी में पलने-बढ़ने वाली प्रतिभाओं की सशक्त उपस्थिति का प्रतीक है। सभी ने आशा जताई कि वे अपनी नई भूमिका में भी समाज और जनजातीय समुदाय के हित में उत्कृष्ट कार्य करते रहेंगे। यह नियुक्ति बस्तर की सृजनशील चेतना और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का सम्मान है।

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