रायपुर। दुर्ग रेलवे स्टेशन पर दो कैथोलिक ननों की गिरफ्तारी के बाद मामला अब राजनीतिक रूप से गरमाता जा रहा है। इस मुद्दे की गूंज दिल्ली तक पहुंचने के बाद मंगलवार को केरल भाजपा के महामंत्री अनूप एंटोनी रायपुर पहुंचे और राज्य के गृह मंत्री विजय शर्मा से उनके निवास पर मुलाकात की। इस दौरान दोनों के बीच हालिया घटनाक्रम और गिरफ्तारी के मामलों पर चर्चा हुई।
बताया जा रहा है कि ननों की गिरफ्तारी के बाद केरल में राजनीतिक और धार्मिक संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। अनूप एंटोनी ने कहा कि वे इस पूरे मामले पर केरल के नागरिकों की चिंता से राज्य सरकार को अवगत कराने आए हैं।
गौरतलब है कि 25 जुलाई को दुर्ग रेलवे स्टेशन पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मानव तस्करी और धर्मांतरण की आशंका जताते हुए दो ननों और एक युवक को रोका था। आरोप था कि ये तीनों, नारायणपुर जिले की तीन लड़कियों को बहला-फुसलाकर आगरा ले जा रहे थे। बजरंग दल की जिला संयोजिका ज्योति शर्मा के नेतृत्व में प्रदर्शन कर तीनों को जीआरपी के हवाले किया गया।
जीआरपी थाना भिलाई-3 की दुर्ग चौकी में प्राथमिक जांच के बाद छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 4 के तहत मामला दर्ज किया गया और तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
इस घटना की गूंज संसद भवन तक पहुंची। 28 जुलाई को UDF के सांसदों ने संसद भवन के बाहर गिरफ्तारी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और AICC महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए इसे “चौंकाने वाली गिरफ्तारी” करार दिया और कहा कि “बिना किसी अपराध के कैथोलिक ननों को निशाना बनाया गया है।”
वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि “भाजपा-आरएसएस के तंत्र द्वारा अल्पसंख्यकों को डराने के लिए गुंडों को खुला छोड़ दिया गया है। छत्तीसगढ़ में बजरंग दल और पुलिस की कथित जुगलबंदी भाजपा की असली मानसिकता को उजागर करती है।