0 छात्रावास में बदइंतजामी से परेशान हैं छात्राएं
0 कस्तूरबा कन्या आवासीय विद्यालय चितालंका का मामला
जगदलपुर। बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा जिले के चितालंका में संचालित कस्तूरबा कन्या आवासीय विद्यालय की छात्राएं शनिवार सुबह 7 बजे भारी बरसात में भीगती और रोती बिलखती हुई कलेक्टर बंगला पहुंच गईं। वे छात्रावास में व्याप्त अव्यवस्था की शिकायत लेकर आई थीं।
छात्राओं के इस अप्रत्याशित कदम की जानकारी मिलते ही समग्र शिक्षा मिशन के एपीसी व दंतेवाड़ा बीआरसी मौके पर पहुंचे और छात्राओं को समझा -बुझाकर विद्यालय वापस ले गए। जानकारी मिलने पर कांग्रेस नेत्री व जिला पंचायत सदस्य तूलिका कर्मा, सुमित्रा शोरी भी मौके पर पहुंचीं। छात्राओं ने रोते हुए कहा कि हमें हमारी मैडम कुछ नहीं देती, हमको जो मिलना चाहिए वह हमें नहीं मिलता। हम जब शिकायत करती हैं तो मैडम हमें डांटती हैं। मिलने आने पर हमारे परिजनों को भी डांटकर बच्चों को सिखाने की बात कहती हैं। जिला पंचायत सदस्य तूलिका कर्मा ने रोती हुई छात्राओं को किसी तरह चुप कराया। छात्राओं ने आवासीय विद्यालय में सुविधाओं की कमी, भोजन, किताब और ड्रेस की कमी की समस्या के बारे में शिकायत की। छात्राओं ने अधीक्षिका को बदलने की मांग भी की। छात्राओं ने यह भी बताया कि हरियाली त्यौहार मनाने उन्होंने स्वयं 10-10 रुपए चंदा एकत्र किया था। लेकिन अधीक्षिका उनके कार्यक्रमों में न तो दिलचस्पी लेती हैं, न ही नियमानुसार छात्रावास में रुकती हैं। तूलिका कर्मा ने छात्राओं को शांत करवाते हुए उन्हें भरोसा दिलाया कि जैसी व्यवस्था पहले थी, वैसी ही व्यवस्था कलेक्टर के साथ मिलकर वापस से आश्रम में शुरु की जाएगी। तूलिका कर्मा ने कहा कि एक तरफ सरकार ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का नारा दे रही है, दूसरी ओर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा सुधार के लिए करोड़ों रुपए खर्च करने के बावजूद आवासीय विद्यालयों में व्यवस्थाएं दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही हैं। कुछ दिन पहले छू लो आसमान आवासीय कोचिंग संस्थान में बेहतर रिजल्ट देने वाले पुराने शिक्षकों को बेवजह बदल दिया गया, जिससे छात्राओं को सड़क पर उतरकर चक्काजाम करना पड़ा था।