इस स्कूल की दीवारें बोलती हैं, पढ़ाती भी हैं बच्चों को!

०  अपनी बोली भाषा में आसानी से शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं विद्यार्थी 
० “पोड़ेम आयाम नट्टा” के जरिए बहुभाषा शिक्षण 
०  बाला काॅन्सेप्ट पर गोंडी आधारित कक्ष का शुभारंभ
(अर्जुन झा)जगदलपुर। विष्णु के सुशासन के बीच बस्तर संभाग के स्कूलों का जहां मॉडिफिकेशन हुआ है, नवीन तकनीक के माध्यम से शिक्षा दी जा रही है, वहीं नवचारों के जरिए भी बच्चों को उत्कृष्ट ज्ञानार्जन कराया जा रहा है। बच्चों के भविष्य गढ़ने की ऎसी ही एक खूबसूरत तस्वीर सामने आई है बीजापुर जिले से, जहां एक स्कूल की दीवारें बोलती सी प्रतीत होती हैं और बच्चों को पढ़ाती भी हैं। नई शिक्षा नीति के तहत स्कूलों में बहु भाषा शिक्षण के जरिए पढ़ाई की गतिविधियां संचालित करने को लेकर बीजापुर जिले में कलेक्टर संबित मिश्रा के मार्गदर्शन में “पोड़ेम आयाम नट्टा” कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है जिसके माध्यम से कक्षाओं की दीवारों को गोंडी भाषा बोली में चित्रों के साथ पढ़ाई का माध्यम बनाया गया है। इस कक्ष का शुभारंभ कलेक्टर संबित मिश्रा ने जांगला में संचालित पोटा केबिन में किया। इस अवसर पर कलेक्टर ने कक्ष का अवलोकन कर दीवारों पर स्थानीय भाषा बोली में तैयार की गई बाला पेंटिंग की गतिविधियों की विस्तार से जानकारी ली। स्थानीय भाषा बोली में बाला कक्ष तैयार करने वाले शिक्षार्थ ट्रस्ट के तकनीकी सहयोगी मोहित देव एव सुमन जैन ने प्रत्येक दीवार पर बनाई गई गतिविधियों की जानकारी कलेक्टर को दी। बाला कक्ष में चार दीवारें बनाई गई हैं। एक दीवार गणितीय अवधारणाओं को विकसित करने, दूसरी और तीसरी दीवार भाषा शिक्षण को सरल तरीके से सीखने की अवधारणा पर आधारित है और चौथी दीवार बाल केंद्रित प्रयोगात्मक मॉडल के रूप में तैयार की गई है। कक्ष का अवलोकन कर कलेक्टर ने आवश्यक सुझाव देते दिए किए गए प्रयासों की सराहना की तथा जिले के अन्य स्कूलों में भी जहां गोंडी भाषा बोली प्रमुखता से उपयोग की जाती है वहां तैयार करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर एपीसी जाकिर खान ने बताया कि नई शिक्षा नीति अंतर्गत बहु भाषा शिक्षण का प्रावधान किया गया है इससे बच्चों को घर के वातावरण में प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने में आसानी होगी तथा यह पहल शिक्षा को केवल कक्षा तक सीमित न रखकर समुदाय संस्कृति और बच्चों को उनकी जीवन शैली से जोड़ने का प्रयास है जिससे नवाचार और समावेशी मूल्यों को बढ़ावा मिलता है।

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