बकावंड के किसान कृषि केंद्र में डीएपी खाद की कालाबाजारी, बिना बिल के महंगे दामों पर बेची जा रही है खाद

 

० शासन द्वारा निर्धारित दर का खुलेआम उल्लंघन 
(अर्जुन झा)बकावंड। विकासखंड मुख्यालय बकावंड स्थित किसान कृषि केंद्र में इन दिनों डीएपी खाद की बिक्री को लेकर गंभीर अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं। ग्रामीणों और किसानों का आरोप है कि केंद्र के संचालक द्वारा डीएपी खाद बिना बिल के और तयशुदा दर से अधिक मूल्य पर बेची जा रही है। जानकारी के मुताबिक वर्तमान में किसानों को डीएपी खाद 1750 में खरीदने पर मजबूर किया जा रहा है, जबकि शासन द्वारा इसकी निर्धारित दर इससे कम है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि दुकानदार द्वारा रसीद या बिल दिए बिना खाद बेची जा रही है। यह स्थिति तब और चिंताजनक हो जाती है जब किसानों को खेती के जरूरी समय में खाद की सख्त जरूरत होती है, और उन्हें दुकानदार द्वारा बताए गए मनमाने दाम पर ही खाद खरीदना पड़ रही है।

बिल जरूर लें किसान
इस पूरे मामले को लेकर जब कृषि अधिकारी मोहन कश्यप से चर्चा की गई तो उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद की दर शासन द्वारा निर्धारित की जाती है। यदि कोई विक्रेता इससे अधिक राशि वसूलता है, तो उसके विरुद्ध निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि खाद या किसी भी कृषि सामग्री की खरीदी करते समय विक्रेता से अनिवार्य रूप से बिल प्राप्त करें, जिससे भविष्य में होने वाले किसी विवाद या कार्रवाई में सबूत के तौर पर उसे उपयोग किया जा सके।उल्लेखनीय है कि यह दुकान जिला सहकारी बैंक के सामने मेन रोड बकावंड में संचालित है, जहां रासायनिक खाद, कीटनाशक, उन्नत बीज, ड्रिप सामग्री, मल्चिंग, कृषि उपकरणों सहित सब्जी पौधों की नर्सरी भी उपलब्ध कराई जाती है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस मामले में कब तक संज्ञान लेता है और क्या कार्रवाई करता है। इस प्रकार की कालाबाजारी पर तत्काल रोक लगाने की मांग ग्रामीणों और किसानों ने की है, ताकि कृषि कार्य प्रभावित न हो और गरीब किसानों का शोषण न हो।

वर्सन
खाद की कीमतें शासन द्वारा तय की जाती हैं। कृषि केंद्र संचालक इस से ज्यादा कीमत पर खाद विक्रय नहीं कर सकते, किसानों को खाद का बिल दुकानदार से लेना चाहिए। मामले की जांच की जाएगी।
-मोहन कश्यप,
कृषि अधिकारी, बकावंड

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