जगदलपुर। जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य ने केंद्र सरकार और भाजपा के स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि बस्तर को यात्री ट्रेन सेवा से जानबूझकर वंचित किया जा रहा है, जबकि यहां से खनिज संसाधनों की ढुलाई निर्बाध जारी है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर यात्री ट्रेनों का संचालन पुनः शुरू नहीं किया गया, तो कांग्रेस मालगाड़ी को रोकने का आंदोलन करेगी।
प्रेस विज्ञप्ति में श्री मौर्य ने कहा कि जगदलपुर से ओडिशा, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल को जोड़ने वाली लगभग 10 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। रेलवे के मुताबिक, ये ट्रेनें अब कोरापुट तक ही सीमित हैं। ऐसे में बस्तरवासियों को कहीं भी यात्रा करने के लिए पहले कोरापुट जाना पड़ता है, जो उनके साथ सरासर अन्याय है।
कांग्रेस नेता ने इस स्थिति के लिए सीधे तौर पर भाजपा सांसद महेश कश्यप और स्थानीय विधायक एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि न तो डीआरएम से संवाद हुआ, न ही किसी उच्च स्तरीय बैठक की खबर है। यह दोनों जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता का प्रमाण है।
सुशील मौर्य ने सवाल उठाया कि जब खनिज ढुलाई के लिए मालगाड़ियाँ नियमित चल सकती हैं तो फिर बारिश या अन्य कारणों से यात्री ट्रेनें क्यों रोकी जा रही हैं? उन्होंने कहा बस्तर देश का वह क्षेत्र है जो रेलवे को लगातार मुनाफा देता है, परंतु बदले में यहां की जनता से यात्री सेवा छीन ली गई है। उन्होंने यह भी कहा कि किरंदुल से जयपुर तक सीमित एकमात्र स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है, शेष सभी ट्रेनें रद्द हैं। बस्तर में स्वास्थ्य सुविधाएं सीमित हैं, और आमजन को इलाज व अन्य जरूरतों के लिए ट्रेनों पर निर्भर रहना पड़ता है। वहीं दूसरी ओर, बसों का किराया बहुत अधिक है, जिससे गरीब जनता बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
अंत में मौर्य ने स्पष्ट चेतावनी दी: यदि आगामी 7 दिन के भीतर ट्रेन सेवा बहाल नहीं होती है तो कांग्रेस सड़कों पर उतरेगी और मालगाड़ियों का संचालन रोकेगी। बस्तर की जनता अब यह अन्याय बर्दाश्त नहीं करेगी।