नक्सलियों ने फिर किया खून खराबा; मार डाला दो आदिवासियों को

0  जगरगुंडा एरिया कमेटी ने छोड़ा खून लगा पत्र 
0 मृतकों के खून के छिंटे मारे गए हैं नक्सली पत्र पर 
(अर्जुन झा)जगदलपुर। बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में नक्सलियों ने फिर खून खराबा किया है। पुलिस मुखबिरी आरोप लगाते हुए नक्सलियों ने दो अधेड़ आदिवासियों को धारदार हथियार से काट डाला और उनके खून से सना एक पत्र भी छोड़ा है। ऎसी क्रूरता, ऎसी हैवानियत कर नक्सली आखिर क्या संदेश देना चाहते हैं, यह समझ से परे है।
बीजापुर जिले के तर्रेम क्षेत्र में नक्सलियों ने दो ग्रामीणों की धारदार हथियार से हत्या कर दी है। इस हत्याकांड की जिम्मेदारी नक्सली संगठन भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की जगरगुंडा एरिया कमेटी ने ली है। नक्सलियोंने खून के छींटों वाला एक पत्र भी छोड़ा है। माना जा रहा है कि खून के ये छींटे मृतकों के हैं।
बीजापुर जिले के तर्रेम थाना क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा एकबार फिर निर्दोष ग्रामीणों को निशाना बनाए जाने की खबर सामने आई है। यह लोम हर्षक वारदात ग्राम छुटवाई और बड़ा तर्रेम में हुई, जिसने पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 20 और 21 जुलाई की दरम्यानी रात करीब आधा दर्जन नक्सली गांव में घुसे और छुटवाई निवासी 55 वर्षीय कवासी जोगा तथा बड़ा तर्रेम निवासी 50 वर्षीय मंगलू कुरसम की धारदार हथियारों से नृशंस हत्या कर दी। स्थानीय सूत्रों के अनुसार इस जघन्य वारदात को 4-5 अज्ञात नक्सलियों द्वारा अंजाम दिया गया है। थाना तर्रेम पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है। दोनों ग्रामीणों की हत्या की जिम्मेदारी भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की जगरगुंडा एरिया कमेटी ने ली है। पत्र में खून के छिंटें हैं और उसमें लिखा है कि दोनों मृतक पुलिस के लिए मुखबिरी करते थे इसलिए उन्हें मौत की सजा दी गई है। समझा जा रहा है कि नक्सलियों ने मृतकों के शरीर से बह रहे खून को लेकर उसके छिंटें पत्र पर मारे हैं। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि दोनों आदिवासी ग्रामीणों के साथ नक्सलियों ने कैसी क्रूरता की होगी।

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