देश की बेटियों को न्याय और सुरक्षा देने में भाजपा सरकार पूरी तरह विफल – लता निषाद

0 बालासोर कांड को लेकर महिला कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन, प्रधानमंत्री और ओडिशा के मुख्यमंत्री का किया पुतला दहन

जगदलपुर। उड़ीसा के बालासोर जिले में स्थित फकीर मोहन (स्वायत्त) महाविद्यालय की बीएड द्वितीय वर्ष की छात्रा द्वारा आत्मदाह के बाद हुई मृत्यु के विरोध में, महिला कांग्रेस ने जगदलपुर में जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष फूलोदेवी नेताम के निर्देश पर किया गया, जिसका नेतृत्व महिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष लता निषाद ने किया। प्रदर्शन में शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान केंद्र की भाजपा सरकार और ओडिशा के मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया गया।

प्रधानमंत्री बेटियों को सुरक्षा देने में नाकाम – लता निषाद

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए लता निषाद ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की बेटियों को सुरक्षा और न्याय देने में पूरी तरह विफल साबित हुए हैं। यह घटना शर्मनाक ही नहीं, बल्कि देश की बेटियों के साथ किया गया विश्वासघात है।” उन्होंने बताया कि पीड़िता बालासोर के फकीर मोहन कॉलेज में बीएड की छात्रा थी और एबीवीपी की सदस्य भी थी। उसने कॉलेज के सहायक प्रोफेसर समीर कुमार साहू पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे। शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे परेशान होकर उसने आत्मदाह किया और इलाज के दौरान भुवनेश्वर AIIMS में उसकी मौत हो गई।

यह आत्महत्या नहीं, हत्या है– सुशील मौर्य

शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि यह कोई सामान्य आत्महत्या नहीं, बल्कि भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार की असंवेदनशील और लापरवाह व्यवस्था द्वारा की गई प्रणालीगत हत्या है। उन्होंने बताया कि छात्रा ने 1 जुलाई को कॉलेज प्रशासन को लिखित में शिकायत दी थी कि यदि आरोपी शिक्षक के विरुद्ध कार्रवाई नहीं हुई, तो वह आत्महत्या कर लेगी। उसने स्पष्ट रूप से आरोप लगाए थे कि प्रोफेसर साहू मानसिक और यौन उत्पीड़न करते हैं, असहमति जताने पर फेल करने की धमकी देते हैं और परिवार को निजी बातें बताने का डर दिखाते हैं।

बेटियों की चीख कोई नहीं सुनता – चंपा ठाकुर

महिला कांग्रेस की वरिष्ठ नेता चंपा ठाकुर ने कहा कि, “यह घटना ‘बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ’ के नारे की सच्चाई को उजागर करती है। जब एक बेटी उच्च अधिकारियों, सांसदों और केंद्रीय मंत्रियों तक न्याय की गुहार लगाती है, और फिर भी कोई मदद नहीं करता, तो यह लोकतंत्र और मानवता दोनों पर सवाल है। भाजपा के मंत्रियों और नेताओं ने एक साहसी छात्रा की उम्मीदों का गला घोटा है।

देश की बेटियाँ कहीं भी सुरक्षित नहीं – कोमल सेना

नगर निगम उपनेता प्रतिपक्ष कोमल सेना ने कहा कि, “चाहे मणिपुर हो या ओडिशा, देश की बेटियाँ अब कहीं सुरक्षित नहीं हैं। यौन शोषण की घटनाओं पर कार्रवाई के बजाय प्रशासन चुप्पी साधे रहता है।

मांगें:

1. आरोपी शिक्षक समीर कुमार साहू को फांसी की सजा दी जाए।

2. कॉलेज प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई हो।

3. केंद्र सरकार बेटियों की सुरक्षा को लेकर जवाबदेह बने।

प्रदर्शन में उपस्थित प्रमुख नेता:

प्रदर्शन में प्रेम शंकर शुक्ला, राजेश चौधरी, जाहिद हुसैन, सुभाष गुलाटी, निकेत राज झा, एस. नीला, सायमा अशरफ, रोजवीन दास, जिशान कुरैशी, रविशंकर तिवारी, एम. वेंकट राव, पार्षद सुशीला बघेल, गौतम पाणिग्रही, शुभम यदु, अफरोज बेगम, ललिता राव, शादाब अहमद, अंजना नाग, पपीया गाइन, उमा सागर, सुनीता दास, गुरमीत कौर, जयंती केरकेट्टा, रितिका कर्मा, माही श्रीवास्तव, श्याम कुमारी सहित बड़ी संख्या में महिला कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

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