रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में मंगलवार को ‘रेडी टू ईट’ योजना को लेकर पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने ध्यानाकर्षण सूचना के माध्यम से इस योजना में व्यापक भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और स्व-सहायता समूहों के चयन में अनियमितताओं का मुद्दा उठाया।
भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
महंत ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा चलाए जा रहे रेडी टू ईट कार्यक्रम में नियमों को ताक पर रखकर स्व-सहायता समूहों का चयन किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि योजना में भारी वित्तीय गड़बड़ी हुई है और इसमें संलिप्त अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
पक्ष-विपक्ष में तीखी बहस, प्रक्रिया को लेकर उठे सवाल
सवाल-जवाब के दौरान भाजपा विधायक अजय चंद्राकर और कांग्रेस विधायक उमेश पटेल के बीच चयन प्रक्रिया और नियमों की व्याख्या को लेकर तीखी बहस हुई। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला लंबा खिंचा, जिससे सदन का माहौल गर्मा गया।
मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष, किया वॉकआउट
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने अपने जवाब में विभागीय प्रक्रिया को सही ठहराया, लेकिन विपक्ष उनके जवाब से असंतुष्ट रहा। विरोध में कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर की।
सरकार की सफाई, जांच के संकेत नहीं
मंत्री राजवाड़े ने कहा कि स्व-सहायता समूहों का चयन तय प्रक्रिया के तहत किया गया है और जहां भी तकनीकी त्रुटियां मिली हैं, उन्हें सुधारा जा रहा है। हालांकि उन्होंने किसी जांच की घोषणा नहीं की, जिससे विपक्ष का आक्रोश और तेज हो गया।