रायपुर। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को जीएसटी छत्तीसगढ़ शासन के आयुक्त पुष्पेंद्र कुमार मीणा से मुलाकात कर ई-वे बिल नियमों में व्यावहारिक सुधार की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। यह प्रतिनिधिमंडल कैट के राष्ट्रीय वाइस चेयरमैन एवं राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड (भारत सरकार) के सदस्य अमर पारवानी के नेतृत्व में पहुंचा। कैट के पदाधिकारियों—प्रदेश चेयरमैन मगेलाल मालू, प्रदेश एक्जीक्यूटिव चेयरमैन जितेन्द्र दोशी, प्रदेश अध्यक्ष परमानंद जैन, प्रदेश महामंत्री सुरिन्द्रर सिंह और प्रदेश कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल ने बताया कि राज्य में व्यापारिक गतिविधियों को सरल और व्यवहारिक बनाने के उद्देश्य से जीएसटी प्रणाली में कुछ आवश्यक बदलावों की मांग की गई है।
श्री अमर पारवानी ने बताया कि ज्ञापन में निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी गईं:
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एक ही जिले के भीतर माल परिवहन पर ई-वे बिल से पूर्ण छूट दी जाए।
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आवश्यक वस्तुएं जैसे पुस्तकें, नोटबुक, शैक्षणिक सामग्री, ताजे फल-सब्जियाँ, खाद्य सामग्री, चिकित्सा उपकरण व आपूर्ति, कृषि उपकरण एवं उत्पाद, डेयरी व अन्य ताजे उत्पादों पर राज्य स्तर पर न्यूनतम प्रतिबंध लागू किए जाएं।
श्री पारवानी ने कहा कि इन सुधारों से “ईज ऑफ डुइंग बिजनेस” को बढ़ावा मिलेगा और विशेष रूप से छोटे एवं मध्यम व्यापारियों को राहत मिलेगी। इससे राज्य में व्यापारिक माहौल सरल होगा और साथ ही कर संग्रह की प्रक्रिया भी सुगम बनी रहेगी, जिससे राज्य सरकार और व्यापारिक समुदाय दोनों को लाभ होगा।
आयुक्त पुष्पेंद्र मीणा ने कैट प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और ज्ञापन का अवलोकन कर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस दौरान संयुक्त आयुक्त नरेंद्र वर्मा, याचना तांब्रे, उप आयुक्त टिकम गुनेन्द्र भी उपस्थित रहे। कैट प्रतिनिधिमंडल में अमर पारवानी के साथ सुरिन्द्रर सिंह, भरत जैन, प्रीतपाल सिंह बग्गा, सीए मुकेश मोटवानी और भरत भूषण गुप्ता भी शामिल थे।