नारायणपुर। छत्तीसगढ़ में एक ओर जहां सुरक्षा बलों का नक्सल विरोधी अभियान लगातार तेज हो रहा है, वहीं राज्य सरकार की पुनर्वास नीति भी असर दिखा रही है। इसी कड़ी में शुक्रवार को जिले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब अबूझमाड़ क्षेत्र में सक्रिय 22 नक्सलियों ने पुलिस अधीक्षक के समक्ष आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने की इच्छा जताई। आत्मसमर्पण करने वालों में 8 महिला नक्सली भी शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक, सरेंडर करने वाले नक्सली आमदई, नेलनार और कुतुल एरिया कमेटी के सदस्य थे और लंबे समय से संगठन के लिए कार्यरत थे। ये नक्सली आईईडी प्लांट करने, पुलिस मूवमेंट पर नजर रखने और ‘जनताना सरकार’ के विस्तार जैसे गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।
पुलिस और सुरक्षा बलों के लगातार दबाव, मुठभेड़ों में शीर्ष नक्सली नेताओं के मारे जाने और इलाके में बढ़ते विकास कार्यों से प्रभावित होकर इन सभी ने आत्मसमर्पण का निर्णय लिया।
जानकारी के अनुसार, इन 22 नक्सलियों सहित वर्ष 2025 में अब तक कुल 110 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं। सरेंडर करने वाले इन नक्सलियों पर कुल मिलाकर 37 लाख 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।