
० वारदात में शामिल अन्य नक्सलियों की भी जानकारी लगी एसआईए के हाथ
जगदलपुर। बस्तर संभाग के सुकमा जिले के कोंटा थाना क्षेत्र में बीते 6 जून को हुए आईईडी ब्लास्ट मामले में शहीद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश राव गिरपुंजे के शहादत का मामला एक बार फिर चर्चा में है। इस गंभीर नक्सल वारदात की जांच कर रही एसआईए को बड़ी सफलता हाथ लगी है। जांच के दौरान एसआईए ने इस घटना में शामिल एक सक्रिय नक्सली को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार नक्सली की पहचान सोढ़ी गंगा के रूप में हुई है, जो प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन का सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है। आरोपी ने पूछताछ के दौरान न केवल इस भीषण हमले में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है, बल्कि अन्य सहयोगी नक्सलियों के नाम भी उजागर किए हैं, जिससे सुरक्षाबलों को आगे की कार्रवाई में सहायता मिल सकती है।
ऐसे हुई थी घटना
इसी साल 6 जून को सुकमा जिले के कोंटा थाना अंतर्गत ग्राम ढोढंरा में पुलिस बल पर नक्सलियों ने घात लगाकर आईईडी ब्लास्ट किया था, जिसमें एएसपी आकाश राव गिरपुंजे वीरगति को प्राप्त हुए थे। इस हमले में एसडीओपी भानुप्रताप चंद्राकर तथा टीआई सोनल ग्वाला बाल-बाल बच गए, लेकिन गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना की गंभीरता को देखते हुए 12 जून को मामले की जांच एसआईए को सौंप दी गई थी। राज्य अन्वेषण अभिकरण की टीम ने बीते कई दिनों से कोंटा और सुकमा में लगातार छापेमारी कर संदिग्धों से पूछताछ की। इसी क्रम में 8 जुलाई को सुकमा जिले के भेज्जी थाना क्षेत्र से नक्सली सोढ़ी गंगा को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गय। एसआईए की इस सफलता को सुरक्षाबलों की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। नक्सली नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने और दोषियों को कानून के शिकंजे में लाने के लिए एसआईए की कार्रवाई लगातार जारी है।