

0 रसोइया महेश कुड़ियम की पत्नी सुमित्रा ने उठाई न्यायिक जांच की मांग
0 सुमित्रा को नौकरी और एक करोड़ का मुआवजा दे सरकार: कांग्रेस
जगदलपुर। बस्तर के बीजापुर में सरकारी स्कूल के रसोईया महेश कुड़ियम की कथित मुठभेड़ में मौत को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा गठित जांच दल 27 जून को बीजापुर के फरसेगढ़ पहुंचा। बस्तर के विधायक लखेश्वर बघेल के संयोजकत्व वाले जांच दल में बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी, भानुप्रतापपुर विधायक सावित्री मंडावी, चित्रकोट के पूर्व विधायक राजमन बेंजाम, कांग्रेस नेता छवींद्र कर्मा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुड़ियम, जिला कांग्रेस अध्यक्ष लालू राठौर, जिला पंचायत सदस्य नीना रावतिया उद्दे आदि शामिल थे। जांच दल ने फरसेगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम इरपागुटा निवासी महेश कुड़ियम के पुलिस नक्सली मुठभेड़ में मारे जाने की घटना की जानकारी परिवारजन और ग्रामीणों से ली। पुलिस नक्सली मुठभेड़ में मारे गए महेश कुड़ियम की पत्नी सुमित्रा कुड़ियम और उसके परिवार वालों व गांव वालों ने कांग्रेस के जांच दल को बताया कि 6 जून को महेश कुडियम बैल गाड़ी से जलाऊ लकड़ी जंगल से लेकर अपने घर आया। उसके बाद गांव के ही पास के तालाब में अपनी भैंस को लेने गया था। उसके बाद वापस नहीं लौटा। बहुत देर तक वह वापस घर नही आया तो फिर परिवार के अन्य लोग परेशान होकर उसे ढूंढने गए उसके बाद एक व्यक्ति रास्ते में मिला जो भोपालपट्टनम से आरेपल्ली आ रहा था। उसने बताया कि महेश कुडियम को पुलिस वालों ने उसके हाथ पैर बांधकर पेड़ के नीचे बिठा रखा है। फिर दो दिन बाद पता लगाने बीजापुर थाना कोतवाली गए और पुलिस ने फोटो दिखाई तब पता चला कि महेश पुलिस नक्सली मुठभेड़ में मारा गया है।
परिजन और ग्रामीणों ने जांच दल को बताया कि स्व. महेश कुडियम प्राथमिक शाला इरपागुट्टा में रसोइया के पद पर वर्ष 2023 से कार्यरत था। उसका यूनियन बैंक शाखा भोपालपट्टनम में खाता भी है जिसमें उसे सरकार द्वारा प्रतिमाह मानदेय दिया जाता है। उसका अपना आधार कार्ड है उसकी पत्नी का राशन कार्ड है। उसके सात छोटे छोटे बच्चे हैं जिनमे से दो स्कूल में पढ़ाई भी कर रहे है तो वह नक्सली कैसे हो सकता है ? वहीं बीजापुर में जांच दल ने प्रेस वार्ता कर कहा कि डबल इंजन की भाजपा सरकार बस्तर के आदिवासियों का षड्यंत्र पूर्वक हत्याएं करवा रही है। जांच दल ने सरकार से सवाल पूछा कि एक सरकारी स्कूल में कार्यरत रसोइया एक लाख का इनामी नक्सली कैसे हो सकता है ? उसके बैंक खाते में सरकार पैसे क्यों दे रही थी। सरकार ने इस घटना को अब तक छुपाया क्यों ?
भारतीय जनता पार्टी बताए कि क्या वे स्व. महेश कुडियम को नक्सली मानती हैं या नहीं मानती इसे स्पष्ट करें ? प्रेस वार्ता में मृतक स्व. महेश कुड़ियम की पत्नी सुमित्रा कुडियम ने कहा कि उसके छोटे छोटे सात बच्चे हैं मैं उनका पालन पोषण कैसे करूं। मेरे पति जो प्राथमिक शाला इरपागुट्टा के सरकारी स्कूल में रसोइया के पद पर कार्यरत थे। उसे पुलिस वालों ने नक्सली बताकर उसकी हत्या कर दी है। इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच हो और जो भी दोषी है। उस पर कार्रवाई की जाए। साथ ही पीड़ित परिवार को सरकारी नौकरी और एक करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाए। इस संबंध में पीड़ित परिवार ने कलेक्टर बीजापुर को एक ज्ञापन भी सौंपा है। इस दौरान पीड़ित परिवार और ग्रामीण व कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।