रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्टेट जीएसटी विभाग ने अवैध व्यापारिक गतिविधियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। देर रात राज्य जीएसटी की टीम ने राजनांदगांव और दुर्ग के बीच जलबांधा रोड स्थित गनियारी गांव में एक गुटखा निर्माण फैक्ट्री पर छापा मारा। यह फैक्ट्री सितार गुटखा का अवैध निर्माण कर रही थी। छापे के दौरान भारी मात्रा में गुटखा निर्माण सामग्री बरामद की गई है। फिलहाल विभाग की जांच टीम मौके पर मौजूद है और दस्तावेज खंगाल रही है।
सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई जीएसटी कमिश्नर पुष्पेंद्र मीणा के निर्देश पर की गई। विभाग को लंबे समय से अवैध गुटखा निर्माण और बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं।
इससे पहले, बीते दो दिनों में जीएसटी विभाग की कार्रवाई कपड़ा और फर्नीचर सेक्टर पर केंद्रित थी। वहीं बुधवार को विभाग ने एक साथ छह जिलों रायपुर, दुर्ग, रायगढ़, जगदलपुर, बिलासपुर और कोरबा—में फुटवेयर कारोबारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की।
छापेमारी के दौरान विभाग ने 17 डीलरों के यहां दस्तावेज खंगाले और टैक्स चोरी के प्रमाण मिलने पर तत्काल ढाई करोड़ रुपये की टैक्स वसूली की। जीएसटी इंटेलिजेंस यूनिट को सूचना मिली थी कि इन व्यापारियों ने नियमित रूप से टैक्स जमा नहीं किया है, जिसके बाद यह समन्वित अभियान चलाया गया।
राजधानी रायपुर में भी जीएसटी टीम ने सैफ्रॉन कॉर्पोरेट प्रोजेक्ट में छापा मारा। यह प्रोजेक्ट बगड़िया ब्रदर्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है, जो ऐश्वर्या ग्रुप के सह-संस्थापक के रूप में निलय ग्रुप से भी संबंध रखता है। इस छापेमारी में 5 वरिष्ठ अधिकारियों की टीम शामिल रही।
विभागीय सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में और भी ऐसे व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की जा सकती है जो टैक्स चोरी में संलिप्त पाए जाएंगे।