जगदलपुर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान डाइट बस्तर और लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में राज्य के निर्देशों के अनुसार बस्तर ब्लॉक डाइट में नवीन पाठ्यपुस्तक शिक्षक प्रशिक्षण (एलएलएफ) के तहत महत्वपूर्ण बहुभाषी शिक्षा कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस छः दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का उद्देश्य जिलेभर के संकुल समन्वयकों और शिक्षकों को नई पाठ्यपुस्तकों में हुए बदलावों और बहुभाषी शिक्षण पद्धतियों से परिचित कराना है। इस प्रशिक्षण में बस्तर जिले के सात ब्लॉक बस्तर, बास्तानार, दरभा, लोहंडीगुड़ा, तोकापाल, जगदलपुर और बकावंड से कुल 21 समन्वयक तथा 42 शिक्षक शामिल हुए। प्रशिक्षण में नवीन पाठ्यपुस्तकों में किए गए बदलावों को गहराई से समझा गया और बस्तर जिले के सावधिक आंकलन पर आधारित डेटा विश्लेषण पर भी चर्चा हुई। एनसीएफ एफएस 2022 शिक्षा नीति: राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा – मूलभूत स्तर 2022 (एनसीएफ एफ एस 2022) की शिक्षा नीति के सिद्धांतों और पठन के चार प्रमुख दृष्टिकोणों- मौखिक भाषा, डिकोडिंग, पठन और लेखन पर विस्तृत चर्चा की गई। गणित की शिक्षण प्रक्रिया पर भी गहन चर्चा हुई, जिसमें प्राथमिक कक्षाओं में गतिविधियों के माध्यम से शिक्षण को प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। कक्षा पहली, दूसरी और तीसरी के लिए साप्ताहिक शिक्षण योजना और शिक्षक संदर्शिका पर शिक्षकों के बीच समझ विकसित की गई। इस प्रशिक्षण में जिले के एसआरजी समूह और लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन की पूरी बस्तर एलएलएफ टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सत्रों के दौरान कक्षा में की जाने वाली गतिविधियों और शिक्षकों के सामने आने वाली चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें समन्वयकों और शिक्षक साथियों ने अपने अनुभव साझा किए और सुधार के संभावित तरीकों पर विचार-विमर्श किया। इस प्रशिक्षण का एक मुख्य फोकस बहुभाषी शिक्षा पर रहा, जिसमें बच्चों की घर की भाषा को शिक्षण कार्य में विशेष महत्व दिया गया। शिक्षकों को हल्बी और भतरी जैसी स्थानीय बोलियों को शिक्षण के माध्यम के रूप में उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया, जिससे बच्चों को सीखने में आसानी हो और उनकी अपनी भाषा को सम्मान मिले। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य नवीन पाठ्यपुस्तकों पर शिक्षकों की समझ को बढ़ाना और उनकी शैक्षणिक क्षमता को मजबूत करना है। साथ ही, यह प्रशिक्षण शिक्षकों को अपने-अपने स्कूल स्तर की चुनौतियों को पहचानने और उनका समाधान निकालने में भी मदद करेगा। डायट बस्तर से प्रिंसिपल नितिन दंडसेना, एफएलएन प्रभारी बेनूराम मौर्य और श्री जॉन ने इस प्रशिक्षण को सफल बनाने में विशेष सहयोग किया। यह उम्मीद की जाती है कि इस प्रशिक्षण से निश्चित तौर पर शिक्षण प्रक्रिया में सुधार आएगा, जिससे बच्चों को बेहतर और प्रभावी शिक्षा मिल सकेगी।