0 रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद ठेकेदारों ने खोली पोल
(अर्जुन झा)जगदलपुर। लोक निर्माण विभाग विद्युत यांत्रिकी शाखा के जो कार्यपालन अभियंता अजय कुमार 2 लाख रिश्वत लेते आज एसीबी के हत्थे चढ़े हैं, उनके बड़े कारनामे अब सामने आ रहे हैं। बिना काम कराए ही धड़ल्ले से फर्जी बिलों का भुगतान इस अधकारी द्वारा किया जाता है। जबकि पूरा काम करा चुके ठेकेदारों का भुगतान महज इसलिए 5-6 साल से रोक दिया गया है कि इन ठेकेदारों ने साहब की मुहमांगी मुराद पूरी नहीं की।आरोप है कि फर्जी बिलों के भुगतान मे ईई 80 प्रतिशत हिस्सेदारी लेते आए हैं।
ठेकेदार के भुगतान के एवज मे 2 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए जगदलपुर शहर के साकेत कॉलोनी स्थित कार्यपालन अभियंता अजय कुमार को उनके सरकारी आवास में एसीबी की टीम ने दबिश और रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस बीच अब विभाग के विद्युत ठेकेदारों ने भी अजय कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ठेकेदारों ने जानकारी दी है कि वे पिछले 5- 6 साल से अपने पुराने लंबित बिलों के भुगतान के लिए कार्यपालन अभियंता के ऑफिस के चक्कर लगाते आ रहे हैं, मगर भुगतान के संबंध में कार्यपालन अभियंता द्वारा कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई जा रही है। ठेकेदारों का खुला आरोप है कि कार्यपालन अभियंता द्वारा फर्जी बिलों का भुगतान धड़ल्ले से किया जाता है। कार्यपालन अभियंता फर्जी बिलों के भुगतान के लिए 80 प्रतिशत राशि अग्रिम देने का दबाव बनाते हैं। उसके बाद ही ठेकेदार का भुगतान किया जाता है। जिससे यह स्पष्ट है कि जिस ठेकेदार ने शासकीय भावनों में विद्युतीकरण कार्य किया है और अगर वह 80 प्रतिशत अग्रिम राशि नहीं दे सकता तो उसका भुगतान रोक दिया जाता है। फर्जी बिल बनाकर उन ठेकेदारों का ही भुगतना किया जाता रहा है जो अग्रिम 80 प्रतिशत राशि देने में सक्षम हैं। पिछले कई सालो से सही बिल का भुगतान नहीं हो पाया और वो अब भी लंबित हैं।