0 जगन्नाथ स्टील प्रबंधन की बड़ी लापरवाही उजागर
0 मजदूरों से रोज कराया जाता है 12 घंटे तक काम
दल्ली राजहरा। बीएसपी माइंस से संबंधित फर्म जगन्नाथ स्टील द्वारा पैलेट प्लांट का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। आज दोपहर के समय प्लांट के ऊपरी हिस्से में फेब्रिकेशन का कार्य किया जा रहा था
इस दौरान ऊंचाई पर काम कर रहा एक मजदूर फिसल कर नीचे गिर गया। कुछ घंटे बाद इस मजदूर की मौत हो गई।
काफी ऊंचाई से गिरने के कारण मजदूर को गंभीर चोट आई थी। उसे पहले ज्योति अस्पताल चिखलाकसा ले जाया गया। जहां पर प्राथमिक उपचार के पश्चात उसे वापस भेजा गया, किंतु अंदरूनी चोट होने के कारण वापस ले जाने के दौरान उसकी स्थिति खराब होती देख रास्ते में शहीद अस्पताल में उसे पुनः दिखाया गया जहां उसकी मौत हो गई। मृतक मजदूर का नाम श्रवण कुमार साहू पिता सत्यनारायण साहू उम्र 42 वर्ष निवासी मांगी थाना नबीनगर जिला औरंगाबाद है। वह यहां गेट क्रमांक 1 कोविड सेंटर कोंडे माइंस रोड में रहता था। घटना की खबर सुनने के पश्चात कार्य कर रहे श्रमिक माइंस के बाहर धरने पर बैठ गए। मजदूर बेहद आक्रोशित हो उठे थे। श्रमिक प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था एवं सुविधाओं को लेकर नाराजगी व्यक्त करने लगे। इसी दौरान जगन्नाथ स्टील प्रबंधन ने श्रमिकों में फूट डालकर उन्हें आपस में लड़ाने की भी कोशिश की।सूत्रों के अनुसार निर्माणाधीन प्लांट में मजदूरों के साथ भेदभाव किए जाने की शिकायत निरंतर स्थानीय बेरोजगारों द्वारा की जाती रही है। कुछ समय से मैनेजमेंट की तानाशाही रवैए को लेकर मजदूर में आक्रोश हैं स्थानीय मजदूरों ने बताया की मैनेजमेंट द्वारा प्लांट निर्माण को प्रोजेक्ट वर्क कहकर 12-12 घंटे कार्य कराया जा रहा है और शासन द्वारा निर्धारित मजदूरी भी नहीं दी जाती। संयंत्र निर्माण पूर्ण होने के समय पर आउटसोर्सिंग के माध्यम से बाहर के मजदूरों को बुलाकर कार्य कराया जा रहा है। वहीं स्थानीय बेरोजगारों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। जिसे लेकर सैकड़ो बेरोजगार युवक माइंस गेट के सामने धरने पर बैठे हुए हैं धरने पर बैठे मजदूरों ने बताया कि प्रबंधन द्वारा कुछ दलालों के जरिए संयंत्र में कार्य कर रहे मजदूरों को आपस में लड़ाने का भी प्रयास किया जाता है। स्थानीय बेरोजगार युवकों की मांग है कि हम सभी ने संयंत्र निर्माण के समय पर 12 -12 घंटे काम किया है। हमें हमारी योग्यता के अनुसार कार्य पर रखा जाए। आउटसोर्सिंग से लाए गए मजदूरों को वापस भेजा जाए।