कैट प्रतिनिधिमंडल ने महापौर मीनल चौबे से मुलाकात कर पारंपरिक बाजारों के पुनरुद्धार हेतु दिए सुझाव

रायपुर। देश के सबसे बड़े व्यापारिक संगठन, कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे से सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने रायपुर के पारंपरिक बाजारों के पुनरुद्धार एवं व्यापारिक विकास हेतु आवश्यक सुझाव प्रस्तुत किए।

कैट के प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र दोशी के नेतृत्व में इस मुलाकात में व्यापारियों की समस्याओं और आवश्यक सुधारों पर चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि रायपुर नगर निगम क्षेत्र के पारंपरिक बाजार नगर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, जहां लघु एवं मध्यम श्रेणी के व्यापारी अपनी आजीविका के साथ अन्य लोगों को भी रोजगार प्रदान करते हैं। लेकिन वर्तमान में ये बाजार अत्यंत दयनीय स्थिति में हैं, जिससे व्यापारियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

कैट के सुझाव:

  1. बाजारों में पक्की सड़कों एवं सुदृढ़ जल निकासी प्रणाली का निर्माण।
  2. सुव्यवस्थित यातायात एवं पार्किंग की समुचित व्यवस्था।
  3. अग्निशमन की समुचित व्यवस्था, जिससे दमकल वाहन सुगमता से प्रवेश कर सकें।
  4. बाजारों में सीसीटीवी कैमरों की स्थापना एवं सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना।
  5. बिजली की खुली तारों को भूमिगत कर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करना।
  6. स्वच्छता व्यवस्था को नियमित एवं प्रभावी बनाना।
  7. बच्चों के लिए खेल मैदान एवं नागरिकों के लिए उद्यानों की स्थापना।
  8. व्यवस्थित रिटेल बाजारों की स्थापना।
  9. सार्वजनिक शौचालयों एवं जनसुविधा केंद्रों का निर्माण।
  10. नवीन फुटकर बाजारों की स्थापना।
  11. यूजर चार्ज की समीक्षा।
  12. ट्रांसपोर्ट नगर की स्थापना।
  13. अनुपयोगी सरकारी परिसंपत्तियों का पुनः उपयोग।

महापौर मीनल चौबे ने कैट के सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना और रायपुर के पारंपरिक बाजारों के पुनरुद्धार एवं व्यापारिक विकास के लिए आवश्यक कदम उठाने का सकारात्मक आश्वासन दिया।

प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख व्यापारीगण: इस मुलाकात में कैट के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं युवा टीम के सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से जितेन्द्र दोशी, परमानन्द जैन, सुरिन्द्रर सिंह, भरत जैन, महेश जेठानी, महेश खिलोसिया, जयराम कुकरेजा, नागेन्द्र कुमार तिवारी, मोहन वर्ल्यानी, अमित गुप्ता एवं बी.एस. परिहार सहित अन्य व्यापारीगण शामिल थे।

कैट के इस पहल से रायपुर के पारंपरिक बाजारों के विकास एवं व्यापारियों की समस्याओं के समाधान की उम्मीदें बढ़ गई हैं।

 

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