० ED की चार्जशीट में हो सकता है बड़ा खुलासा!
रायपुर। छत्तीसगढ़ का 2161 करोड़ का शराब घोटाला एक बार फिर सुर्खियों में! जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री और कोंटा विधायक कवासी लखमा को न्यायिक रिमांड खत्म होने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) की विशेष अदालत में पेश किया गया। इससे पहले, ED ने 3,841 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें लखमा समेत 21 अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है।
हर महीने 2 करोड़ की अवैध कमाई!
ED के मुताबिक, लखमा ने मंत्री रहते हुए हर महीने 2 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की, जिससे कुल मिलाकर 72 करोड़ रुपये की काली कमाई हुई। यह पैसा कांग्रेस कार्यालय और उनके बेटे के लिए एक आलीशान बंगला बनाने में खर्च किया गया। ED ने कोर्ट में दावा किया कि लखमा इस पूरे घोटाले की गहरी साजिश में शामिल थे।
कैसे हुआ 2161 करोड़ का महाघोटाला?
ED की चार्जशीट के अनुसार, शराब घोटाले का मास्टरमाइंड अनवर ढेबर था, जिसने 2019 के बाद CSMCL (छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड) के जरिए पूरे राज्य में भ्रष्टाचार फैलाया।
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अनवर ढेबर ने अरुणपति त्रिपाठी को CSMCL का MD नियुक्त कराया और फिर शराब कारोबारियों, नौकरशाहों और नेताओं के साथ सिंडिकेट बनाकर धांधली शुरू कर दी।
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रिश्वत और अवैध वसूली का पैसा सीधे भूपेश सरकार के बड़े नेताओं तक पहुंचाया जाता था।
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ED के अनुसार, शराब सिंडिकेट के जरिए सरकारी खजाने को हजारों करोड़ का चूना लगाया गया।
लखमा बोले- ‘मैं निरक्षर हूं, मुझे कुछ नहीं पता’!
ED के शिकंजे में फंसे कवासी लखमा ने गिरफ्तारी के समय खुद को निर्दोष बताया और कहा कि वे पढ़े-लिखे नहीं हैं, इसलिए जो भी कागजात उनके सामने लाए जाते थे, वे बिना पढ़े हस्ताक्षर कर देते थे।
ED ने कब-कब की कार्रवाई?
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15 जनवरी: ED ने लखमा को गिरफ्तार किया।
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21 जनवरी – 4 फरवरी: 14 दिन की न्यायिक रिमांड।
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18 फरवरी: फिर से रिमांड बढ़ाई गई।
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13 मार्च: 3,841 पन्नों की चार्जशीट दाखिल।
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अब: कोर्ट में लखमा की पेशी और ED की नई जांच शुरू!