रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में बड़ा धमाका! महादेव बेटिंग एप घोटाले में CBI ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को आरोपी बनाया है। सीबीआई की एफआईआर में बघेल को छठवें आरोपी के रूप में नामित किया गया है। कुल 21 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है, जिसमें महादेव एप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल भी शामिल हैं।
CBI ने इस हाई-प्रोफाइल घोटाले में भूपेश बघेल पर महादेव एप के प्रमोटरों से करीबी संबंध रखने और उन्हें संरक्षण देने के आरोप लगाए हैं। जांच एजेंसी जल्द ही बघेल से पूछताछ कर सकती है, जिससे मामले में नए खुलासे होने की संभावना है।
CBI की छापेमारी और जब्त दस्तावेज
CBI ने इस घोटाले से जुड़े विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें महत्वपूर्ण डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य जब्त किए गए हैं। इन दस्तावेजों में बड़ी मात्रा में वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड शामिल हैं, जिससे घोटाले की परतें खुलने लगी हैं।
कैसे फंसे बघेल? क्या है महादेव एप का खेल?
महादेव बेटिंग एप घोटाले की जांच पहले आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा की जा रही थी। इसके बाद राज्य सरकार ने यह मामला CBI के हवाले कर दिया, जिससे जांच और तेज हो गई।
भूपेश बघेल के नाम सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में हड़कंप मच गया है। विपक्ष ने इस मामले में गहरी जांच और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।
ये बड़े नाम भी आरोपी
CBI की एफआईआर में जिन 21 लोगों के नाम शामिल हैं, उनमें प्रमुख रूप से ये लोग भी शामिल हैं:
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सौरभ चंद्राकर
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रवि उप्पल
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असीम दास
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सतीश चंद्राकर
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चंद्रभूषण वर्मा
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भीम सिंह
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नीतिश दीवान
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अनिल कुमार अग्रवाल उर्फ अतुल अग्रवाल
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विकास छापरिया
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रोहित गुलाटी
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विशाल आहुजा
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धीरज आहुजा
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अनिल दम्मानी
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सुनील दम्मानी
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हरीशंकर तिबरवाल
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सुरेंद्र बागड़ी
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सूरज चोखानी
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शुभम सोनी